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मंत्रिपरिषद में फेरबदल की अटकलें, क्या मोदी सरकार में बंगाल को मिलेगी ज्यादा हिस्सेदारी?

सूत्रों का कहना है कि मोदी कैबिनेट में इस समय 30 मंत्री, 36 राज्य मंत्री और स्वतंत्र प्रभार वाले 5 मंत्री हैं। रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि इस बैठक में सरकार और मंत्रियों के प्रत्येक विभाग के कामकाज की समीक्षा होगी। मंत्रालयों को सरकारी योजनाओं को ज्यादा प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए भी कहा जा सकता है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।

Council of Ministers meeting: करीब एक साल के बाद मोदी सरकार के मंत्रिपरिषद की बैठक हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पांच देशों के दौरे से लौटते ही गुरुवार को यह बैठक आयोजित हुई। इसलिए इस बैठक को बेहद खास माना जा रहा है। समझा जा रहा है कि इस बैठक में भाजपा की अगुवाई वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार की विस्तृत समीक्षा की जाएगी और मंत्रियों के कामकाज का आकलन भी होगा। पश्चिम एशिया में जारी संकट और तेल एवं गैस की आपूर्ति में किल्लत को देखते हुए सरकार आगे के वर्षों के लिए नया रोडमैप और एजेंडा तैयार कर सकती है। सूत्रों का कहना है कि भविष्य की चुनौतियों एवं जरूरतों को देखते हुए मंत्रिपरिषद में बदलाव एवं फेरबदल की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।

मोदी सरकार में अभी 30 मंत्री, 36 राज्य मंत्री, 5 स्वतंत्र प्रभार

मंत्रिपरिषद की यह बैठक सेवा तीर्थ में हो रही है। सूत्रों का कहना है कि मोदी कैबिनेट में इस समय 30 मंत्री, 36 राज्य मंत्री और स्वतंत्र प्रभार वाले 5 मंत्री हैं। रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि इस बैठक में सरकार और मंत्रियों के प्रत्येक विभाग के कामकाज की समीक्षा होगी। मंत्रालयों को सरकारी योजनाओं को ज्यादा प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए भी कहा जा सकता है। आम तौर पर मंत्रिपरिषद की बैठक हर तीन महीने में होनी तय है लेकिन 'देश और विदेश' की आपात स्थितियों को देखते हुए यह बैठक नियमित रूप से नहीं हो पायी।

कैबिनेट में बढ़ सकती है बंगाल की हिस्सेदारी

सूत्रों का कहना है कि केंद्र में एनडीए की लगातार तीसरी बार सरकार है और अगल साल यह अपना आधा कार्यकाल पूरा कर लेगी। इसे देखते हुए मंत्रिपरिषद में थोड़ा फेरबदल हो सकता है। सूत्रों का कहना है कि बंगाल में ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद मोदी कैबिनेट में इस राज्य की हिस्सेदारी बढ़ सकती है। दूसरा, अगले साल उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और गुजरात में विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनावी रणनीति के तहत इन राज्यों से आने वाले सांसदों को मंत्री बनाया जा सकता है। एनडीए की सरकार में बिहार से आने वाले मंत्रियों की संख्या आठ है जबकि बंगाल से दो मंत्री हैं।

मोदी सरकार में बिहार के मंत्री

  • राजीव रंजन सिंह (उर्फ ललन सिंह) -कैबिनेट मंत्री
  • चिराग पासवान: लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास)-कैबिनेट मंत्री
  • गिरिराज सिंह: भारतीय जनता पार्टी (BJP)-कैबिनेट मंत्री
  • नित्यानंद राय: भारतीय जनता पार्टी (BJP)-राज्य मंत्री
  • राम नाथ ठाकुर : जनता दल यूनाइटेड (JDU)-राज्य मंत्री
  • सतीश चंद्र दुबे: भारतीय जनता पार्टी (BJP)-राज्य मंत्री
  • राज भूषण प्रसाद चौधरी निषाद: भारतीय जनता पार्टी (BJP)-राज्य मंत्री
  • जीतन राम मांझी (HAM): मंत्री

बंगाल से अभी केवल दो मंत्री

मोदी सरकार में बंगाल की नुमाइंदगी अपेक्षाकृत कम है। यहां से केवल दो ही सांसदों को मंत्री बनाया गया है। इन दोनों नेताओं को राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त है। डॉ. सुकांत मजूमदार को शिक्षा मंत्रालय, उत्तर पूर्व क्षेत्र विकास मंत्रालय और शांतनु ठाकुर को बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली हुई है। इससे पहले मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में बंगाल से चार मंत्री शामिल थे, लेकिन मोदी 3.0 कैबिनेट के गठन के समय से बंगाल कोटे से इन 2 सांसदों को ही मंत्रिपरिषद में जगह मिली।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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