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UGC पर बोले सपा सांसद हरेंद्र मलिक ने कहा- 'जाति विद्वेष बढ़ाकर मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास', BJP सांसद महेश शर्मा ने दी प्रतिक्रिया-Video

यूजीसी कानून को लेकर बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा इस्तीफा देने पर सपा सांसद हरेंद्र मलिक बोले की जब कोई मानसिक पीड़ा होती है तो आदमी इस तरह का कदम उठाता है।

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UGC पर बोले सपा सांसद हरेंद्र मलिक, बीजेपी सांसद ने दी प्रतिक्रिया

UGC पर सपा सांसद हरेंद्र मलिक ने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि 'यह जाति विद्वेष बढ़ाकर धार्मिक विद्वेष बढ़ाकर मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास करते हैं। जिससे कि बढ़ी हुई फीस वापसी की कोई बात लोग ना कह सकें, सस्ती दवाई ना मिल सके, सस्ती पढ़ाई ना कोई मांग सके और सस्ती सिंचाई न मांग सके इसलिए उन्होंने ये काम किया है सरकार आर्थिक मोर्चे पर बिल्कुल फेल है।

यूजीसी कानून को लेकर बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा इस्तीफा देने पर सांसद हरेंद्र मलिक बोले की जब कोई मानसिक पीड़ा होती है तो आदमी इस तरह का कदम उठाता है। भारतीय जनता पार्टी में फूट उस समय होनी चाहिए थी जब 750 किसान शहीद हुए जब एमएसपी गारंटी कानून नहीं बना जब बच्चों की फीस बढ़ी थी और नौजवानों के रोजगार छिन गए थे पर जब भाजपा के लोग साहस नहीं कर पाए ये साहसी नहीं है जो साहसी है तो वह आ जायेंगे उनका स्वागत है।

'हमारे भारतवर्ष की सरकार हर मोर्च पर फेल हुई है'

सपा सांसद हरेंद्र मलिक बोले मेरा तो साफ मानना है। हमारे भारतवर्ष की सरकार हर मोर्च पर फेल हुई है। इन्होंने बेतहासा फीस बढ़ाई है। जिससे गरीब के बच्चे के हाथ से किताब छीन ली। और यह जाति विद्वेष बढ़कर के धार्मिक विद्वेष बढ़कर के मुद्दों से ध्यान भटकने का प्रयास करते हैं। ताकि लोग रोजगार न मांग सके नौजवान, बड़ी फीस वापसी की बात ना कहे सके। सस्ती दवाई ना मांग सके ,सस्ती पढ़ाई ना मांग सके,सस्ती सिंचाई न मांग सके। तो यह इस काम को करते हैं इसलिए उन्होंने काम किया है। इन्हें किसी से कुछ लेना नहीं जानबूझकर के ऐसे मुद्दे करते हैं। सरकार आर्थिक मोर्चे पर फेल आज बताते हैं 91-92 रुपए का डॉलर हो गया होगा कहिए।

'हम ऐसा काम नहीं करते जिससे जाति विद्वेष फैलता हो'

हरेंद्र मलिक ने कहा कि समाजवादी पार्टी पीडीए की बात करती है। पीडीए के उत्थान की बात करती है। और हमारा तो साफ मानना है कि बच्चों को रोजगार देने का काम करें पीडीए के बच्चों को,सबको रोजगार दें हम कहां रोकते हैं। हम रोजगार की मांग करते हैं। जुमलो की बात नहीं करते। हम ऐसा काम नहीं करते जिससे जाति विद्वेष फैलता हो। हम जुमलों पर काम नहीं करते हम हम तो रोजगार मांगते हैं। सस्ती पढ़ाई मांगते हैं।

'भाई राम को लाने वाला इस धरती पर कौन हो गया है'

हरेंद्र मलिक ने कहा कि 'एक बात बताओ सरकार रोज नई कहती है कि खतरे में है कौन खतरे में है। और किस खतरे में है यह कहता है कि हिंदू खतरे में है हिंदू तो हम भी हैं हमें कोई खतरा नहीं है। इनसे पूछो कि प्रधानमंत्री हिंदू अगर इसके रहते हुए हिंदू खतरे में है। तो इसको बदल दो। किसी दूसरे को देख लो गृह मंत्री हिंदू फिर भी खतरे में है तो दूसरा बदल लो भाई अगर यह थक जाए तो हमें दे दो हम देख लेंगे। यह अति उस दिन हुई जब इन्होंने अधूरे मंदिर में मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम की मूर्ति स्थापना की आप लोग बोले नहीं मतलब भारत के लोग नागरिक में भी उसी में हूं और इससे बड़ा और क्या हो सकता है जिन्हें हम कहते हैं कि कण-कण में राम है। यह कहते कि डंके की चोट पर की जो राम को लाए हैं। हम उनको लायेंगे, भाई राम को लाने वाला इस धरती पर कौन हो गया है। राम सबको धरती पर ला रहे हैं। यह राम को धरती पर ला रहे हैं।'

बीजेपी सांसद महेश शर्मा ने UGC कानून पर दी प्रतिक्रिया

वहीं केंद्रीय मंत्री और सांसद गौतम बुद्ध नगर, महेश शर्मा ने UGC कानून पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 'ये मोदी योगी की सरकार है धर्म और जाति को लेकर सरकार नहीं चलाती। जो ऐसे लोग थे उन्हें जनता ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है।'

वहीं UGC कानून के विरोध में हो रहे प्रदर्शन बोले 'जो भी विषय लाया गया है सरकार के संज्ञान में है। सरकार इस पर सही समय पर फैसला लेगी, वो सबके हित में होगा। मोदी योगी किसी भी संप्रदाय या जाति को साथ में लेकर नहीं चलेंगे इतना विश्वास देश की जनता को है। UGC (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) कानून में यदि कोई त्रुटियां या खामियां होगी तो सरकार राष्ट्रहित में, सबके हित में उसको समायोजन कर कर कोई भी फैसला लेगी।'

अविमुक्तेश्वरानंद शंकराचार्य विवाद पर बोले महेश शर्मा 'हमारी सरकार धर्म जाति के आधार पर ना ही सरकार चलाती है और ना कोई फैसले लेती है। गौरतलब है कि सांसद महेश शर्मा खुर्जा स्थित अपने कैलाश हॉस्पिटल पहुंचे थे। जहां उन्होंने कार्यकर्ताओं से चुनावी चर्चा की।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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