NO- Confidence Motion: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष की ओर से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए राहुल गांधी कल संसद पहुंचे थे। उन्होंने लोकसभा की सदस्यता बहाल होने के बाद पहली बार संसद की चर्चा में भाग लिया। इस दौरान राहुल गांधी काफी आक्रामक नजर आए और मोदी सरकार पर तीखे वार भी किए।
राहुल गांधी ने मणिपुर हिंसा पर यह कहने में भी गुरेज नहीं किया कि मणिपुर में भारत माता की हत्या की गई है। उनके इस बयान पर भाजपा सांसदों ने आपत्ति भी जताई और लोकसभा की कार्यवाही से उनके भाषण के इस अंश को भी हटा दिया गया। कल संसद में राहुल के इस बदले हुए अवतार को भले ही पूरे देश ने देखा हो, लेकिन इसके पीछे मास्टरमाइंड उनकी मां सोनिया गांधी ही थीं, जो राहुल के चढ़ते-उतरते तेवरों का ट्रैक सेट कर रही थीं।
राहुल के भाषण के दौरान एक्टिव मोड में दिखीं सोनिया
अविश्वास प्रस्ताव पर जब राहुल गांधी बहस कर रहे थे, तब सोनिया गांधी एक्टिव मोड में दिखाई दीं। राहुल के आगे की पंक्ति में बैठी सोनिया गांधी इशारों ही इशारों में ताकीद कर रही थीं और उन्हें दिशानिर्देश भी देती नजर आईं। पूरे भाषण के दौरान सोनिया गांधी यह सुनिश्चित करती हुई देखी गईं कि राहुल के भाषण पर कोई विवाद न हो और यह एक सही नोट पर खत्म हो।
शुरुआत से अंत तक इशारों में की बात
एक रिपोर्ट के मुताबिक, राहुल गांधी ने जब अपना भाषण देना शुरू किया, तब सोनिया गांधी ने ही उन्हें लोकसभा अध्यक्ष को संबोधित करने का इशारा किया। इसके बाद राहुल ने अपने भाषण की शुरुआत लोकसभा अध्यक्ष से माफी मांगते हुए की, जिसमें उन्होंने पुराने भाषण का जिक्र किया। राहुल ने कहा कि मेरे पिछले भाषण से आपको दुख हुआ था, इसके लिए मैं माफी मांगता हूं। इसके बाद राहुल गांधी जब अपने भाषण के अंत में पहुंचे तो सोनिया गांधी के इशारे पर ही पीएम मोदी और गौतम अडानी की तस्वीर दिखाई और फिर उसे अपने पास रख लिया।
INDIA सांसदों को भी किया कंट्रोल
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, भाषण के दौरान जब विपक्षी गठबंधन के सांसद वेल में थे तो सोनिया गांधी ने ही इशारा करके कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी से आक्रामकता बढ़ाने को कहा था। वहीं जब टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा भाजपा सांसदों पर आक्रामक हुईं तो सोनिया के इशारे के बार नजारा बदल गया और विपक्षी सांसद अपनी-अपनी सीट पर लौट आए।
