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'लोगों का नाम वोटर लिस्ट से काटा जा रहा...', SC में वकील ने लगाया SIR के फॉर्म-7 में गड़बड़ी का आरोप; CJI ने क्या कहा?

SIR Row: उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण (फॉर्म 7) के कथित दुरुपयोग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। एक वकील ने चीफ जस्टिस के सामने आरोप लगाया कि फॉर्म 7 का गलत इस्तेमाल कर कई नागरिकों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सुनवाई का भरोसा दिया और कहा कि यह मुद्दा संवैधानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। वकील ने बताया कि इससे प्रभावित नागरिकों की मतदान की अधिकारिता खतरे में आ सकती है।

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एसआईआर में हुई गड़बड़ी मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई।

Photo : iStock

SIR Row: उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण के फॉर्म 7 के कथित दुरुपयोग के मामले लेकर एक मामला सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई हुई। एक वकील ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के चीफ जस्टिस के सामने आरोप लगाया कि कुछ लोग फॉर्म 7 का गलत इस्तेमाल कर लोगों के नाम मतदाता सूची से काटने के लिए कर रहे हैं।

फॉर्म 7 का प्रयोग आमतौर पर मतदाता सूची में नाम दर्ज करने या नाम में बदलाव के लिए किया जाता है, लेकिन वकील ने दावा किया कि इस नियम का गलत इस्तेमाल करके कई लोगों को सूची से हटा दिया गया है।

यह मुद्दा संवैधानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण: सुप्रीम कोर्ट

सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सुनवाई का भरोसा दिया और कहा कि यह मुद्दा संवैधानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। वकील ने विशेष रूप से यह बताया कि यूपी में कई नागरिकों के नाम मतदाता सूची से बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के हटा दिए गए हैं, जिससे उनकी मतदान की अधिकारिता प्रभावित हो सकती है।

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई को अगले कुछ हफ्तों में आयोजित किया जाएगा और यह देखा जाएगा कि फॉर्म 7 का प्रयोग कैसे और किन परिस्थितियों में किया गया। फॉर्म 7, Representation of the People Act, 1950 के तहत, मतदाता सूची में नाम जोड़ने या संशोधन करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसका दुरुपयोग लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर प्रश्न उठाता है, इसलिए सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर विशेष ध्यान देने का संकेत दिया है।

यूपी सहित देश के कई राज्यों में एसआईआर प्रक्रिया जारी

बता दें कि देशभर के 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है। उत्तर प्रदेश में एसआईआर की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपल्स एक्ट (आरपीए), 1950 और रजिस्ट्रेशन ऑफ़ इलेक्टर्स रूल्स, के तहत मतदाता सूची में नाम शामिल करवाने के लिए फ़ॉर्म 6, वोट कटवाने के लिए फ़ॉर्म 7 और नाम-पता सही कराने के लिए फॉर्म 8 का प्रयोग किया जा रहा है।

क्या है फॉर्म-7?

चुनाव आयोग के अनुसार फॉर्म 7, "मृत्यु, स्थान परिवर्तन के कारण मतदाता सूची में अपना या किसी अन्य व्यक्ति का नाम हटाने का आवेदन फ़ॉर्म है." चुनाव आयोग के मुताबिक, गलत जानकारी देने पर एक साल तक की जेल और जुर्माने का प्रावधान है।

हालांकि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में कहा, "फॉर्म 7 के जरिए योजनाबद्ध तरीके से पीडीए और मुसलमानों के वोट कटवाए जा रहे हैं।"

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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