मोगा (पंजाब): खालिस्तान समर्थक और वारिस-पंजाब-डी चीफ अमृतपाल सिंह (Amritpal Singh) के हैंडलर अवतार सिंह खांडा (Avtar Singh Khanda) की गुरुवार को इंग्लैंड के बर्मिंघम में मौत हो गई। खांडा ने लंदन में भारत विरोधी प्रदर्शन का नेतृत्व किया था। पंजाब के मोगा में स्थित उनके परिवार के मुताबिक उनकी मौत की वजह की अभी पुष्टि नहीं हुई है। इससे पहले मीडिया सूत्रों ने जानकारी दी थी कि खांडा ब्लड कैंसर से पीड़ित हैं और उन्हें बर्मिंघम के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
एएनआई से बात करते हुए पूर्व अकाल तख्त जत्थेदार जसवीर सिंह रोडे ने कहा कि अवतार सिंह खांडा को अचानक पेट दर्द हुआ। जब उन्हें अस्पताल ले जाया गया तो डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि उन्हें भोजन नली में कैंसर था। जो कोई भी इससे पीड़ित होता और इस कैंसर इतनी जल्दी नहीं मरता। ऐसा लगता है कि उसे धीमा जहर दिया जा रहा था। रोडे ने कहा कि सिख परिवार के साथ हैं। परिवार के सदस्य इंग्लैंड में डॉक्टरों के संपर्क में हैं। या तो उनकी मां और बहन इंग्लैंड जाएंगी या उनके शरीर को भारत वापस लाया जाएगा।
हाल ही में लंदन में स्थित भारतीय दूतावास के सामने भारतीय ध्वज को नीचे खींचने के आरोप में खांडा को भी गिरफ्तार किया गया था। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने लंदन में भारतीय मिशन के बाहर हिंसक विरोध के पीछे तीन अन्य लोगों के साथ खांडा की पहचान मुख्य बदमाशों के रूप में की थी।
उन्हें दीप सिद्धू की मृत्यु के बाद अमृतपाल सिंह को तैयार करने और 'वारिस पंजाब दी' प्रमुख का पद संभालने का श्रेय भी दिया गया है। कुलवंत सिंह खुखराना के पुत्र अवतार सिंह खांडा खालिस्तान समर्थक कार्यकर्ता था। यह भी माना जाता है कि खालिस्तान समर्थक आंदोलन में वारिस डी पंजाब चीफ की सहायता करने वाले अवतार सिंह खांडा ही थे। खुद को खालिस्तानी समर्थक नेता बताने वाले अमृतपाल सिंह को पंजाब पुलिस ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत मोगा जिले से गिरफ्तार किया था।
