Real Shiv Sena: महाराष्ट्र में असली शिवसेना कौन, इसे लेकर विवाद चल रहा है। स्पीकर और चुनाव आयोग का फैसला एकनाथ शिंदे के पक्ष में जाने के बाद उद्धव ठाकरे ने अब इस लड़ाई को जनता के बीच ले जाने का फैसला किया है। आज एक कार्यक्रम के दौरान शिवसेना (UBT) के चीफ उद्धव ठाकरे ने सीएम एकनाथ शिंदे और स्पीकर राहुल नार्वेकर को सीधे बहस की चुनौती दे दी।
स्पीकर के फैसले पर सवाल
शिंदे के गुट को असली शिवसेना घोषित करने के नार्वेकर के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने के एक दिन बाद ठाकरे ने ये चुनौती दी है। 10 जनवरी को, नार्वेकर ने फैसला सुनाया कि शिंदे गुट ही असली शिवसेना है और पार्टी के संविधान के अनुसार, ठाकरे के पास शिंदे को विधायक दल के नेता पद से हटाने की कोई शक्ति नहीं थी। इस पर उद्धव ठाकरे से सवाल उठाते हुए कहा- "अगर मैं शिवसेना का प्रमुख नहीं था, तो भाजपा ने लोकसभा चुनाव के बाद 2014 और 2019 में समर्थन के लिए मुझसे हस्ताक्षर क्यों लिए?"
'जनता की अदालत में लड़ाई'
ठाकरे ने कहा कि वो सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा करते हैं और उसका सम्मान करते हैं, लेकिन अब इस लड़ाई को लोगों की अदालत में ले जा रहा हूं। उद्धव ठाकरे ने कहा- "कुछ लोग कहते हैं कि मुझे इस्तीफा नहीं देना चाहिए था। मैं रुकना नहीं चाहता था। हम जानते हैं कि उसके बाद क्या हुआ? राज्यपाल ने असंवैधानिक सत्र बुलाया था। वह साजिश का हिस्सा थे। यह लड़ाई अब यह तय करने के लिए है कि देश में लोकतंत्र रहेगा या नहीं।"
2022 में सत्ता संघर्ष
शिवसेना के भीतर सत्ता संघर्ष 2022 में शुरू हुआ जब शिंदे ने 50 विधायकों के समर्थन के साथ तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के खिलाफ विद्रोह कर दिया था। वह अपने समर्थकों के साथ असम गए और बाद में बीजेपी की मदद से सरकार बनाने का दावा पेश किया। बाद में सीएम बन गए।
