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हिमाचल प्रदेश में भयंकर शीतलहर, नदियों का पानी जमा; जम्मू कश्मीर में तापमान जीरो से नीचे

देश के कई राज्यों में भीषण ठंड पड़ रही है। हिमाचल में इस समय शीतलहर का प्रकोप दिख रहा है। जम्मू कश्मीर में ठंड बढ़ गई है। दिल्ली में भी तापमान में गिरावट हुई है।

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जम्मू कश्मीर में भयंकर ठंड

Photo : PTI

हिमाचल प्रदेश में इस समय भयंकर ठंड है। कई जगहों पर नदियों का पानी जम गया है। हिमाचल के साथ-साथ जम्मू कश्मीर में भी तापमान शून्य से नीचे चला गया है। हिमाचल के निचले पहाड़ी क्षेत्रों में शीतलहर के कारण स्थानीय मौसम विभाग को रविवार को बिलासपुर, ऊना, हमीरपुर और मंडी जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी करना पड़ा जबकि कश्मीर में तापमान अब भी शून्य से नीचे है, लेकिन रात के तापमान में वृद्धि होने से कुछ राहत मिली है।

हिमाचल में मौसम का हाल

हिमाचल प्रदेश में, ताबो शून्य से 11.6 डिग्री नीचे तापमान के साथ सबसे सर्द स्थान रहा, जबकि सुमडो, कुसुमसेरी और कल्पा में तापमान क्रमश: शून्य से 5.3 डिग्री नीचे, शून्य से 4.8 डिग्री नीचे और शून्य से 1.8 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। ऊना में एक डिग्री सेल्सियस और भुंतर में 1.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। ऊना राज्य का सबसे गर्म स्थान भी रहा, जहां अधिकतम तापमान 23.8 डिग्री सेल्सियस रहा जो शनिवार के 24.5 डिग्री सेल्सियस से कम है।

जम गया नदियों का पानी

मौसम केंद्र ने 24 से 26 दिसंबर तक मंडी में भाखड़ा बांध जलाशय क्षेत्र और बल्ह घाटी के कुछ हिस्सों में घने कोहरे के लिए पीली चेतावनी भी जारी की। इस अवधि के दौरान निचली पहाड़ियों में अलग-अलग स्थानों पर बर्फ की मोटी परत जमी हुई देखी जा सकती है। ऊंचाई वाले आदिवासी इलाकों और पहाड़ी दर्रों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है, जहां पारा हिमांक बिंदु से 14-18 डिग्री नीचे बना हुआ है। मध्य एवं ऊंची पहाड़ियों में कई स्थानों पर पाइपों में पानी जम गया , साथ ही झरने और छोटी नदियों में भी पानी जम गया जिससे पानी का बहाव कम हो गया और जल विद्युत उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हुआ।

कश्मीर का मौसम

जम्मू-कश्मीर में भी अत्यधिक ठंड के कारण जल आपूर्ति वाली लाइनों में पानी जम गया और कई जलाशयों की सतह पर बर्फ की पतली परत जम गई। शनिवार रात श्रीनगर में न्यूनतम तापमान शून्य से 4.6 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया जो पिछली रात से लगभग चार डिग्री अधिक है।

वार्षिक अमरनाथ यात्रा के लिए आधार शिविर के तौर पर प्रसिद्ध दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में न्यूनतम तापमान शून्य से 4.9 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। उत्तरी कश्मीर के गुलमर्ग में न्यूनतम तापमान शून्य से 4.6 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। कश्मीर के प्रवेश द्वार शहर काजीगुंड में न्यूनतम तापमान शून्य से 5.2 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया जबकि पांपोर क्षेत्र के कोनीबल गांव में तापमान शून्य से 6.5 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा। कोनीबल गांव, घाटी का सबसे ठंडा स्थान रहा।

राजस्थान का मौसम

राजस्थान के कुछ हिस्सों में रविवार को भी शीतलहर की स्थिति बनी रही और करौली में न्यूनतम तापमान सबसे कम 4.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जयपुर मौसम केन्द्र प्रभारी राधेश्याम शर्मा ने बताया कि राज्य में मौसम मुख्यतः शुष्क रहा और कहीं-कहीं पर कोहरा छाया रहा। उन्होंने बताया कि राज्य में शनिवार को सर्वाधिक अधिकतम तापमान बाड़मेर व जालौर में 26.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि करौली में न्यूनतम तापमान सबसे कम 4.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

दिल्ली का हाल

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रविवार सुबह कोहरा छाया रहा और इस दौरान न्यूनतम तापमान 7.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) गिरकर 393 यानी 'बहुत खराब' श्रेणी में पहुंच गया, जो शनिवार को 370 था।आईएमडी ने कहा कि सुबह 8:30 बजे आर्द्रता का स्तर 97 प्रतिशत दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है।

भाषा की रिपोर्ट

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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