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विवादित भोजशाला परिसर की वैज्ञानिक सर्वे रिपोर्ट मध्यप्रदेश हाई कोर्ट को सौंपी गई, अब 22 जुलाई को सुनवाई

एएसआई ने 22 मार्च को विवादित परिसर का सर्वेक्षण शुरू किया था जो हाल ही में समाप्त हुआ। भोजशाला को लेकर विवाद शुरू होने के बाद एएसआई ने सात अप्रैल 2003 को एक आदेश जारी किया था। अब एएसआई ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है जिसके बाद मामले पर 22 जुलाई को सुनवाई होगी।

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भोजशाला विवाद पर सर्वे रिपोर्ट

Photo : ANI

Survey Report Of Bhojshala Parisar: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने सोमवार को विवादित भोजशाला-कमाल-मौला मस्जिद परिसर के वैज्ञानिक सर्वेक्षण की अपनी रिपोर्ट मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ को सौंप दी। एएसआई के अधिवक्ता हिमांशु जोशी ने 2,000 से अधिक पन्नों की रिपोर्ट उच्च न्यायालय के पंजीयक को सौंपी। जोशी ने बताया कि मैंने रिपोर्ट सौंप दी है। उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय इस मामले पर 22 जुलाई को सुनवाई करेगा।

जानिए क्या है विवाद

चार जुलाई को उच्च न्यायालय ने एएसआई को आदेश दिया था कि वह विवादित 11वीं सदी के स्मारक के परिसर में लगभग तीन महीने तक किए सर्वेक्षण की पूरी रिपोर्ट 15 जुलाई तक पेश करे। इस स्मारक को लेकर हिंदुओं और मुसलमानों के बीच विवाद है। भोजशाला को हिंदू समुदाय वाग्देवी (देवी सरस्वती) का मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष 11वीं सदी के इस स्मारक को कमाल मौला मस्जिद बताता है। यह परिसर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा संरक्षित है।

‘हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस’ की याचिका पर सर्वे

‘हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस’ नामक संगठन की अर्जी पर मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने 11 मार्च को एएसआई को भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद परिसर का वैज्ञानिक सर्वेक्षण करने का आदेश दिया था। इसके बाद एएसआई ने 22 मार्च से इस विवादित परिसर का सर्वेक्षण शुरू किया था जो हाल ही में खत्म हुआ। उच्च न्यायालय ने एएसआई को सर्वेक्षण पूरा करने के लिए छह सप्ताह का समय दिया। बाद में एएसआई ने रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए और समय मांगा।

22 मार्च को विवादित परिसर का सर्वेक्षण शुरू

एएसआई ने 22 मार्च को विवादित परिसर का सर्वेक्षण शुरू किया था जो हाल ही में समाप्त हुआ। भोजशाला को लेकर विवाद शुरू होने के बाद एएसआई ने सात अप्रैल 2003 को एक आदेश जारी किया था। इस आदेश के अनुसार पिछले 21 साल से चली आ रही व्यवस्था के मुताबिक हिंदुओं को प्रत्येक मंगलवार भोजशाला में पूजा करने की अनुमति है, जबकि मुस्लिमों को हर शुक्रवार इस जगह नमाज अदा करने की इजाजत दी गई है। ‘हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस’ ने अपनी याचिका में इस व्यवस्था को चुनौती दी है। (Bhasha-PTI Input)

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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