देश

समलैंगिक शादी: CJI को सुनवाई से हटाए जाने की अर्जी खारिज, जस्टिस चंद्रचूड़ ने ही सुनाया फैसला

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated May 10, 2023, 06:09 PM IST

प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पांच-सदस्यीय संविधान पीठ समलैंगिक विवाह को मान्यता संबंधी याचिकाओं पर आज नौवें दिन सुनवाई कर रही थी।

Image

जस्टिस चंद्रचूड़

Photo : ANI

CJI Chandrachud Singh: सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिक शादी को कानूनी मान्यता दिए जाने संबंधी याचिकाओं की सुनवाई से भारत के प्रधान न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ को हटाए जाने की अर्जी बुधवार को खारिज कर दी। प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पांच-सदस्यीय संविधान पीठ समलैंगिक विवाह को मान्यता संबंधी याचिकाओं पर आज नौवें दिन सुनवाई कर रही थी।

वीडियो कांफ्रेंस के जरिए पेश अंसन थॉमस नामक एक व्यक्ति ने सीजेआई को 13 मार्च और 17 अप्रैल को भेजे अपने पत्रों का हवाला दिया और कहा कि न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ को इस मामले से खुद को अलग कर लेना चाहिए। सीजेआई ने कहा, धन्यवाद, श्रीमान थॉमस, अर्जी खारिज की जाती है।

संविधान पीठ में न्यायमूर्ति संजय किशन कौल, न्यायमूर्ति एस. आर. भट, न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा भी शामिल हैं। सुनवाई के दौरान अदालत कक्ष में मौजूद सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सीजेआई को सुनवाई से हटाने संबंधी दलीलों पर आपत्ति जताई। इस मामले में सुनवाई जारी है।

सरकार का रुख

26 अप्रैल को सुनवाई में केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया था कि वह समलैंगिक विवाहों को कानूनी मंजूरी देने की मांग करने वाली याचिकाओं में उठाए गए सवालों को संसद के लिए छोड़ देने पर विचार करे। केंद्र की ओर से अदालत में पेश हुए सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ से कहा कि शीर्ष न्यायालय एक बहुत ही जटिल मुद्दे से निपट रहा है, जिसका गहरा सामाजिक प्रभाव है।

उन्होंने न्यायमूर्ति एस. के. कौल, न्यायमूर्ति एस.आर. भट, न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा की पीठ से कहा कि कई अन्य विधानों पर भी इसका अनपेक्षित प्रभाव पड़ेगा, जिस पर समाज में और विभिन्न राज्य विधानमंडलों में चर्चा करने की जरूरत होगी।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article