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सागा ग्रुप निवेश धोखाधड़ी मामले में SC ने आरोपी एजेंट की याचिका खारिज की, CJI ने की ये बड़ी टिप्पणी

सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने कहा कि अदालतें धीरे धीरे आरोपी केंद्रित सोच की ओर बढ़ रही हैं, जो सही नहीं है। उन्होंने पूछा कि जब हजारों लोग ठगे गए हैं तो फिर पीड़ितों के अधिकारों और उनके न्याय का क्या होगा।

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सागा ग्रुप पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

Photo : ANI

सागा ग्रुप निवेश धोखाधड़ी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी एजेंट की गिरफ्तारी से सुरक्षा देने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि आरोप है कि इसी एजेंट ने निवेशकों से पैसा इकट्ठा किया और आज गरीब निवेशक अपनी मेहनत की कमाई से हाथ धो बैठे हैं। कोर्ट ने साफ शब्दों में पूछा कि जब लोगों का पैसा लिया गया तो अब उन्हें लौटाने की पहल क्यों नहीं की जा रही।

CJI बोले, पीड़ितों को ध्यान में रखकर चलेगी अदालतें

सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने कहा कि अदालतें धीरे धीरे आरोपी केंद्रित सोच की ओर बढ़ रही हैं, जो सही नहीं है। उन्होंने पूछा कि जब हजारों लोग ठगे गए हैं तो फिर पीड़ितों के अधिकारों और उनके न्याय का क्या होगा। उन्होंने कहा कि सफेद कॉलर अपराधी भी चाहते हैं कि उनके मामलों की सुनवाई खास तरीके से हो, लेकिन अदालत ऐसा नहीं कर सकती।

एक ही मामले में कई FIR पर रोक की थी मांग

आरोपी की ओर से वकील ने कहा कि वे गिरफ्तारी से सुरक्षा या मामलों को जोड़ने की मांग नहीं कर रहे, बल्कि सिर्फ यह चाहते हैं कि एक ही कारण से अलग अलग राज्यों में कई FIR दर्ज न हों। इस पर अदालत ने कहा कि यह संभव नहीं है। अगर हजारों लोगों के साथ धोखाधड़ी हुई है तो हजारों FIR दर्ज होंगी और हर पीड़ित को न्याय पाने का अधिकार है।

CJI ने कहा, गरीब निवेशकों को क्यों नहीं लौटाया पैसा

CJI ने पूछा कि जब गरीब निवेशकों से पैसा लिया गया तो अब अदालत में राहत मांगने से पहले कुछ रकम जमा कर अपनी नीयत क्यों नहीं दिखाई जा रही। उन्होंने कहा कि बड़े घोटालों में अक्सर असली दोषी पीछे रहते हैं और एजेंटों को आगे कर दिया जाता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि एजेंट की जिम्मेदारी खत्म हो जाती है।

एजेंट को बताया निवेशकों के लिए कंपनी का चेहरा

अदालत ने कहा कि आम लोगों के लिए यही एजेंट कंपनी का चेहरा होता है। लोग उसी पर भरोसा कर पैसा देते हैं, इसलिए जब धोखाधड़ी होती है तो स्वाभाविक है कि वे उसी के खिलाफ जाएंगे। कोर्ट ने कहा कि अगर किसी गलत सहानुभूति के चलते राहत दी गई तो ऐसे मामलों में और आरोपी अदालत आ जाएंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से किया इनकार

इन सभी टिप्पणियों के बाद सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी एजेंट की याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया और साफ किया कि इस तरह के मामलों में पीड़ितों के अधिकार सर्वोपरि हैं।

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गौरव श्रीवास्तव
गौरव श्रीवास्तव author

टीवी न्यूज रिपोर्टिंग में 10 साल पत्रकारिता का अनुभव है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से लेकर कानूनी दांव पेंच से जुड़ी हर खबर आपको इस जगह मिलेगी। साथ ही चुना... और देखें

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