बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने विभिन्न हलकों से व्यापक निंदा के बाद जनसंख्या कंट्रोल पर अपनी टिप्पणी के लिए बुधवार को माफी मांगी। नीतीश कुमार ने मंगलवार को जनसंख्या नियंत्रण के लिए महिलाओं के बीच education के महत्व पर जोर देते हुए एक विवाद खड़ा कर दिया। उन्होंने राज्य विधानसभा में इसका सजीव विवरण किया कि एक शिक्षित महिला अपने पति को संभोग के दौरान कैसे रोक सकती है। आज एक रैली के दौरान पीएम मोदी ने भी नीतीश पर जमकर निशाना साधा।
क्या ये माना जाए कि नीतीश कुमार ने राजनीतिक विरोध के दबाव में महिलाओं के लिए अपमानजनक भाषा पर ठंडा पानी डालने की कोशिश की ? क्या उनकी अंतरात्मा ने उन्हें नहीं धिक्कारा ? क्या नीतीश कुमार को ये अहसास नहीं कि एक संवैधानिक पद पर बैठकर उन्होंने लोकतंत्र के मंदिर में जिस भाषा का इस्तेमाल किया वो न सिर्फ गलत थी, बल्कि ओछी थी। दुर्भावना से भरी हुई भाषा थी। सड़कछाप भाषा थी।
'राबड़ी देवी कहती हैं कि नीतीश कुमार के मुंह से गलती से निकल गया'
इस बीच नीतीश कुमार के बयान पर INDI गठबंधन की रणनीतिक चुप्पी नजर आती है। और किसी ने कुछ बोला भी तो क्या बोला ?
बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी कहती हैं कि नीतीश कुमार के मुंह से गलती से निकल गया।
नीतीश कुमार के जिस बयान को लेकर तूफान खड़ा हुआ है वो बिहार आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट पेश करने के दौरान दिया गया।इस रिपोर्ट के मुताबिक 2011 में 51.5% रही महिला साक्षरता दर 2023 में बढ़कर 73.91% हो गई है।
अच्छी बात है कि बिहार की महिलाएं साक्षर हुई हैं। देश की महिलाएं साक्षर हो रही हैं। 2019 से 2021 के बीच के नेशनल फेमिली हेल्थ सर्वे-5 यानी NFHS-5 के मुताबिक 15 से 49 साल के बीच 76.4% पुरुषों के मुकाबले 55% महिलाएं ही साक्षर थीं।
'तो फिर बीते 2 साल में ही बिहार में कमाल हुआ होगा'
अगर भारत सरकार का ये आंकड़ा सही है। और बिहार सरकार जो आंकड़े दे रही है, वो भी सही है तो फिर बीते 2 साल में ही बिहार में कमाल हुआ होगा। नीतीश जी ने माफी मांगी। लेकिन क्या उनका कल का बयान इतनी आसानी से माफी के काबिल है। सेक्स एजुकेशन कोई मजाक की बात नहीं। इसमें संवेदनहीनता की गुंजाइश नहीं है। नीतीश कुमार के बयान पर चाहे जितना पर्दा डालने की कोशिश हो जेडीयू का तीर गलत निशाने पर लग गया है।
सवाल पब्लिक का ये है-
1. नीतीश कुमार की ऐसी माफी किस काम की जिस पर 'गलती से निकल गया होगा' कहकर बचने की कोशिश हो रही है ?
2. क्या INDI गठबंधन के नेता नीतीश कुमार के बयान पर चुप रहकर महिला अपमान में भागीदार नहीं हो रहे ?
3. 33% महिला आरक्षण देने वाले मोदी से मुकाबले में INDI गठबंधन कैसा उदाहरण सामने रख रहा है ?
