'संभल शाही जामा मस्जिद पूरी तरह से सरकारी जमीन पर' विवाद पर DM का बड़ा बयान-Video
- Authored by: गौरव श्रीवास्तवEdited by: रवि वैश्य
- Updated Jan 13, 2026, 08:01 PM IST
Sambhal Shahi Jama Masjid: उत्तर प्रदेश के संभल स्थित शाही जामा मस्जिद पर वहां के DM का बड़ा बयान सामने आया है। इसके मुताबिक संभल की शाही मस्जिद पूरी तरह से सरकारी जमीन पर है।
संभल स्थित शाही जामा मस्जिद पर DM का बड़ा बयान
Sambhal Shahi Jama Masjid Dispute: नए वक्फ कानून के चलते सम्भल की मस्जिद पर मुसलमानों को बुलडोजर एक्शन का डर दिखाने वाले ओवैसी का फैक्ट चेक करने पर यह बात सामने आ रही है कि सम्भल की शाही जामा मस्जिद वक्फ की जमीन पर नहीं है। 'टाइम्स नाउ नवभारत' के पास मौजूद दस्तावेजों के मुताबिक उत्तर प्रदेश सरकार की जमीन पर बनी है जामा मस्जिद। देश की आजादी से पहले सम्भल की शाही जामा मस्जिद शाही मिल्कियत थी जो कि राजस्व विभाग के मुताबिक गाटा संख्या 33।
'टाइम्स नाउ नवभारत' से बात करते हुए सम्भल के जिलाधिकारी डाक्टर राजेंद्र पेंसिया ने साफ किया कि, गाटा संख्या 33 है, जो मिल्कियत शाही के रूप में दर्ज है। जब जमींदारी उन्मूलन हुई तो ये सारी की सारी जमीनें यूपी सरकार की हो गई हैं। चूंकि संभल जामा मस्जिद हेरिटेज बिल्डिंग है जिसका रखरखाव ASI करती है। ये गैर कृषि भूमि है। रही बात वक्फ की तो वो दान की हुई जमीन पर ही होती है।
देश की आजादी के बाद जब जमींदारी उन्मूलन हुआ तो ये मस्जिद सरकारी जमीन पर हो गई..सरकारी दस्तावेज ये भी कहते हैं कि अब इस जमीन का स्वामित्व किसी जाति विशेष में भी निहित नहीं है। जामा मस्जिद ख़ेवट संख्या 52, गाटा संख्या 33, खतौनी नॉन जेड ए 1363 प्रकार स्थल रेलवे या भवन है।
क्या नए वक्फ कानून के तहत जामा मस्जिद को खतरा है?
नहीं, क्योंकि सम्भल की शाही जामा मस्जिद यूपी सरकार की जमीन पर है। हेरिटेज प्रॉपर्टी होने के चलते इसका रखरखाव ASI करता है। वक्फ उन्हीं जमीनों का होता है जिसे किसी इस्लाम मानने वाले ने वक्फ की हो। उसका मालिकाना हक भी उसी के पास होता है। जामा मस्जिद पहले शाही मिल्कियत या या जमींदारी का हिस्सा थी..लेकिन देश आजाद होने के बाद यूपी सरकार की हो गईं।
जामा मस्जिद के धार्मिक प्रकृति को लेकर कानूनी विवाद जरूर है। लेकिन इससे मालिकाना हक में कोई बदलाव नहीं आता। हरेक परिस्थिति में ये जमीन यूपी सरकार की ही रहेगी।
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