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दाऊद का राइट हैंड सलीम डोला तुर्की में गिरफ्तार, 5000 करोड़ का था ड्रग्स का साम्राज्य; भारत लाने की तैयारी शुरू

भारत के मोस्ट वांटेड ड्रग माफिया सलीम डोला को तुर्की में गिरफ्तार कर लिया गया है। दाऊद इब्राहिम के करीबी सलीम डोला पर 1 लाख का इनाम था। जानें कैसे MIT ने उसे बेलिकडूजू में दबोचा।

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फर्जी पहचान के साथ छिपा था मोस्ट वांटेड सलीम डोला

Salim Dola Arrest: इस्तांबुल, तुर्की में हुई एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई में भारत के मोस्ट वांटेड ड्रग माफिया सलीम डोला को गिरफ्तार कर लिया गया है। तुर्की की खुफिया एजेंसी MIT और इस्तांबुल पुलिस की नारकोटिक्स यूनिट ने एक संयुक्त ऑपरेशन चलाकर दाऊद इब्राहिम के इस करीबी सहयोगी को दबोचा। सलीम डोला को डी-कंपनी (D-Company) के ड्रग सिंडिकेट का सरगना माना जाता है।

इस्तांबुल के पॉश इलाके में आधी रात को छापा

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, सलीम डोला लंबे समय से अपनी पहचान बदलकर तुर्की में छिपा हुआ था। वह संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल कर रहा था। तुर्की की नेशनल इंटेलिजेंस ऑर्गनाइजेशन (MIT) ने तकनीकी निगरानी के जरिए उसके ठिकाने का सटीक पता लगाया। इस्तांबुल के बेलिकडूजू इलाके में एक फ्लैट पर बेहद गोपनीय तरीके से छापेमारी की गई। स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों ने पहले पूरे इलाके की घेराबंदी की और फिर अचानक धावा बोलकर डोला को पकड़ लिया।

दाऊद इब्राहिम का 'ड्रग मैनेजर'

बता दें कि सलीम डोला का ड्रग नेटवर्क भारत सहित कई देशों में फैला हुआ है। वह दाऊद इब्राहिम गैंग के लिए वैश्विक सप्लाई चेन को मैनेज करने में अहम भूमिका निभा रहा था। वह मेफेड्रोन (MD) जैसी खतरनाक सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी का मास्टरमाइंड माना जाता है। उसका नेटवर्क न केवल भारत और खाड़ी देशों में, बल्कि तुर्की और यूरोप तक फैला हुआ था। भारत में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने उस पर 1 लाख रुपये का इनाम रखा था और इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था।

भारत लाने की तैयारी और बड़े खुलासे की उम्मीद

सलीम डोला की गिरफ्तारी भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी जीत है। उसके पास से बरामद फर्जी दस्तावेजों और यूएई पासपोर्ट की भी जांच की जा रही है। भारतीय एजेंसियां अब तुर्की के अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में हैं ताकि उसके प्रत्यर्पण (Extradition) की कानूनी प्रक्रिया को तेज किया जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि डोला से पूछताछ के बाद अंडरवर्ल्ड के अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट और नार्को-टेररिज्म से जुड़े कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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