Illegal Indian Immigration : अमेरिका से अवैध भारतीय प्रवासियों को भेजे जाने का मसला गरम हो गया है। विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल खड़े कर रहा है। गुरुवार को संसद की कार्यवाही जब शुरू हुई तो विपक्ष ने इस मुद्दे पर तत्काल चर्चा कराए जाने की मांग की। सरकार इसके लिए जब तैयार होती नहीं दिखी तो दोनों सदनों में विपक्ष के सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे को देखते हुए राज्यसभा की कार्यवाही 12 बजे तक और लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित हो गई। हालांकि, अमेरिका से भेजे जा रहे अवैध भारतीय अप्रवासी के मुद्दे पर विदेश मंत्री एस जयशंकर लोकसभा में दो बजे जवाब देंगे। लोकसभा में विपक्ष के सदस्यों को समझाते हुए स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि यह विदेश नीति का मामला है। यह विषय भारत सरकार के संज्ञान में है। स्पीकर के समझाने के बावजूद विपक्ष शांत नहीं हुआ। हंगामे के बीच लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।
समाजवादी पार्टी ने लोक सभा में कार्य स्थगन का प्रस्ताव दिया है। सपा ने इस मामले में सरकार से जवाब की मांग की है।
लोगों ने कहा -उनके साथ अमानवीय बर्ताव हुआ
बता दें कि अमेरिकी सेना का परिवहन विमान सी-17 ग्लोबमास्टर 104 अवैध प्रवासी भारतीयों को लेकर बुधवार को अमृतसर के हवाईअड्डे पर उतरा। इसमें 19 महिलाएं और 13 किशोर भी थे। भारत पहुंचने वाले लोगों ने कहा है कि विमान में उनके साथ अमानवीय बर्ताव हुआ। उन्हें अपराधियों जैसा रखा गया। लोगों के पैरों में बेड़ियां और हाथों में हथकड़ी लगी हुई थी। लोगों का कहना है कि अमृतसर पहुंचने पर ही उनकी बेड़ियां खोली गईं।
अमृतसर पहुंचने पर ही बेड़ियां खोली गईं
पंजाब के गुरदासपुर के रहने वाले 36 साल के जसपाल सिंह ने बताया कि अमेरिका में जब उन्हें विमान में चढ़ाया गया तो उन्हें लगा कि सभी लोगों को किसी दूसरे कैंप ले जाया जा रहा है लेकिन एक अधिकारी ने बताया कि वे उन्हें भारत ले जा रहे हैं। जसपाल का कहना है कि विमान में उन्हें हथकड़ी लगाई गई और पैरों में बेड़ियां डाल दी गईं। अमृतसर पहुंचने पर ही हथकड़ी और बेड़ियों को खोला गया। जसपाल ने बताया कि भारत भेजे जाने से पहले उन्हें अमेरिका में 11 दिनों तक हिरासत में रखा गया।
'एजेंट ने 42 लाख रुपये ले लिए'
अमेरिका से आए विमान में 33-33 लोग हरियाणा एवं गुजरात के, 30 पंजाब के, तीन-तीन महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के तथा दो चंडीगढ़ के हैं।
पंजाब के जिन 30 लोगों को निर्वासित किया गया है, उनमें छह कपूरथला के, पांच अमृतसर के, चार-चार पटियाला और जालंधर के, दो-दो होशियारपुर, लुधियाना, एसबीएस नगर के और एक-एक गुरदासपुर, तरनतारन, संगरूर, एसएएस नगर और फतेहगढ़ साहिब के हैं। होशियारपुर जिले के ताहली गांव का रहने वाला हरविंदर सिंह (41) पंजाब से निर्वासित लोगों में शामिल है। वह लगभग आठ महीने पहले अमेरिका चला गया था। उसकी पत्नी कुलजिंदर कौर ने दावा किया कि एक ट्रैवल एजेंट ने हरविंदर को कानूनी तरीके से अमेरिका भेजने का वादा करके 42 लाख रुपये लिए।
