महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। एनसीपी (एसपी) के विधायक रोहित पवार ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं प्रफुल पटेल और सुनील तटकरे पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि अजित पवार की मौत के बाद पार्टी पर नियंत्रण हासिल करने के लिए एक “पूर्व नियोजित साजिश” रची गई थी।
16 फरवरी को चुनाव आयोग को लिखा पत्र
रोहित पवार के अनुसार, 28 जनवरी को पुणे के बारामती एयरस्ट्रिप के पास हुए विमान हादसे में अजित पवार की मौत के कुछ ही दिनों बाद पार्टी के भीतर सत्ता संघर्ष शुरू हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि 16 फरवरी को प्रफुल पटेल, सुनील तटकरे और बृजमोहन श्रीवास्तव ने चुनाव आयोग (ECI) को पत्र लिखकर यह दावा किया कि पार्टी के संविधान में बदलाव कर दिए गए हैं और सभी अधिकार कार्यकारी अध्यक्ष यानी प्रफुल पटेल को सौंप दिए जाएं।
पार्टी की ताकत हथियाने की साजिश
रोहित पवार का कहना है कि यह दावा पूरी तरह झूठा था और इस बारे में न तो सुनेत्रा पवार को जानकारी दी गई और न ही परिवार के अन्य सदस्यों को विश्वास में लिया गया। उन्होंने कहा कि यह कदम पार्टी के नियंत्रण को एक व्यक्ति के हाथ में केंद्रित करने की कोशिश थी।
सुनेत्रा पवार को भी मिली बाद में जानकारी
इसी बीच, अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार, जिन्हें बाद में पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया और उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई, ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर अनुरोध किया कि उनके पदभार संभालने से पहले की अवधि (28 जनवरी से 26 फरवरी) के दौरान भेजे गए किसी भी पत्राचार को नजरअंदाज किया जाए। रोहित पवार ने दावा किया कि सुनेत्रा पवार को भी बाद में इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी मिली।
रोहित पवार ने कुछ दस्तावेजों का हवाला देते हुए कहा कि इन पत्रों में स्पष्ट रूप से लिखा गया था कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के अभाव में सभी शक्तियां कार्यकारी अध्यक्ष को मिलेंगी और वही सभी फैसले लेंगे। उन्होंने इसे संदिग्ध और योजनाबद्ध बताया।
पीयूष गोयल के बयान पर भी सवाल
उन्होंने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के बयान पर भी सवाल उठाए,जिसमें पहले कहा गया था कि प्रफुल पटेल पार्टी अध्यक्ष बन गए हैं, लेकिन बाद में इसे गलत जानकारी बताया गया। रोहित पवार का आरोप है कि इस तरह के बयान यह संकेत देते हैं कि कुछ नेताओं के बीच पहले से ही योजना बनाई गई थी। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ भाजपा नेताओं और पार्टी के भीतर के लोगों ने अजित पवार के बेटे जय पवार की प्रस्तावित प्रेस कॉन्फ्रेंस को रोकने का दबाव बनाया।
अजित पवार की मौत पर फिर से उठाए सवाल
रोहित पवार ने अजित पवार की मौत को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि जिस कंपनी (VSR) का विमान हादसे में इस्तेमाल हुआ, उसे दुर्घटना के बाद भी सरकार से 80-90 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। उन्होंने इसे भी संदेहास्पद बताया।
हादसे के पीछे बड़ी साजिश
रोहित पवार ने पूरे मामले की आपराधिक जांच की मांग करते हुए सवाल उठाया कि क्या यह सिर्फ एक हादसा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश छिपी है। उन्होंने यहां तक आरोप लगाया कि अजित पवार की मौत से पहले उनके घर के बाहर कुछ संदिग्ध धार्मिक अनुष्ठान या “काला जादू” जैसी गतिविधियां भी हुई थीं।
बेंगलुरु में क्यों दर्ज कराई एफरआईआर, ये भी बताया
उन्होंने बताया कि राहुल गांधी से मुलाकात के बाद उन्हें सलाह दी गई कि वे इस मामले को ऐसे राज्य में उठाएं जहां उन्हें न्याय मिल सके। इसके बाद कर्नाटक के बेंगलुरु में ‘जीरो FIR’ दर्ज कराई गई।
