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पीएम मोदी से रेवंत रेड्डी ने की मुलाकात, इन 6 मुद्दों पर की बात; हैदराबाद मेट्रो को लेकर कर दी ये मांग

Revanth Reddy met PM Modi: तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने हैदराबाद मेट्रो के दूसरे चरण की मंजूरी का आग्रह किया। इसके अलावा सीएम रेड्डी ने मोदी के सामने 6 मुद्दों पर अपनी मांग रखी। आपको बताते हैं कि इस मुलाकात के दौरान क्या कुछ हुआ।

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प्रधानमंत्री मोदी से मिले तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात कर हैदराबाद मेट्रो के दूसरे चरण को मंजूरी देने का आग्रह किया और कुछ अन्य विषयों पर बात की। तेलंगाना सरकार के सूचना विभाग की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, रेवंत रेड्डी ने प्रधानमंत्री मोदी से उनके आधिकारिक आवास पर मुलाकात की। विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘‘मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को दूसरे चरण की रेल परियोजना के बारे में जानकारी दी, जिसके तहत हैदराबाद में 76.4 किलोमीटर का मार्ग होगा।’’

प्रधानमंत्री मोदी से मिले तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी

सीएम रेवंत रेड्डी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा कि 'आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक हुई। राज्य से संबंधित कई लंबित मुद्दों पर तत्काल मंजूरी की मांग करते हुए याचिकाएं प्रस्तुत की गई हैं।' उन्होंने बताया के 6 बिंदुओं पर बात हुई, जिसका विवरण उन्होंने साझा किया। उन्होंने अपनी पोस्ट में इन 6 पॉइंट का जिक्र किया। नीचे पढ़िए...

1. हैदराबाद मेट्रो चरण-II के लिए 76.4 किलोमीटर लंबाई वाले पांच कॉरिडोर को मंजूरी दी जानी चाहिए, जिसकी अनुमानित लागत 24,269 करोड़ रुपये होगी।

2. आरआरआर के दक्षिणी भाग को मंजूरी दी जानी चाहिए। हम दक्षिणी भाग में भूमि अधिग्रहण की लागत का 50 प्रतिशत वहन करने के लिए तैयार हैं।

3. मूसी पुनरुद्धार परियोजना के लिए धन उपलब्ध कराया जाना चाहिए। ईसा और मूसा नदियों के संगम पर बापू घाट के विकास, मूसी शुद्धिकरण के लिए 27 एसटीपी के निर्माण, मूसी रिटेनिंग वॉल, तटबंधों के निर्माण, मूसी और गोदावरी नदियों को जोड़ने सहित परियोजना के लिए 20 हजार करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करना। गांधी सरोवर परियोजना के लिए 222.7 एकड़ संरक्षित भूमि के हस्तांतरण में सहयोग करना।

4. क्षेत्रीय रिंग रेल... शुष्क बंदरगाह प्रदान करें।

5. हैदराबाद में भारत सेमीकंडक्टर मिशन परियोजना की स्थापना। अर्धचालक मिशन की अनुमति दें।

6. साइबर अपराध, ड्रग मामलों में वृद्धि, राज्य में शहरों के विकास और अन्य जरूरतों को देखते हुए तेलंगाना को 29 अतिरिक्त आईपीएस पद प्रदान करें।

मुख्यमंत्री ने 24,269 करोड़ की मेट्रो रेल परियोजना को तत्काल मंजूरी देने का आग्रह किया। रेड्डी ने क्षेत्रीय रिंग रोड (आरआरआर) के दक्षिणी हिस्से तथा ‘सेमीकंडक्टर मिशन’ को मंजूरी देने का भी प्रधानमंत्री से आग्रह किया।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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