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दिल्ली: कोचिंग सेंटर हादसे के बाद एक्शन में MCD, 13 अवैध कोचिंग सेंटर सील

Rau IAS Coaching Flooded: दिल्ली के कोचिंग सेंटर हादसे में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे तीन छात्रों की मौत हो गई थी। इसके बाद एमसीडी ने कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि बेसमेंट में चल रहे 13 कोचिंग सेंटर को सील किया गया है।

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MCD seals basements of 13 Civil Services Institutes

Photo : Twitter

Rau IAS Coaching Flooded: दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर कोचिंग सेंटर हादसे के बाद MCD ने कार्रवाई शुरू का दी है। एमसीडी ने कहा है कि रविवार को 13 सिविल सेवा संस्थानों के बेसमेंट सील किए गए हैं। आम आदमी पार्टी के विधायक दुर्गेश पाठक ने भी कार्रवाई की जानकारी दी है। उन्होंने कहा, MCD ने अवैध कोचिंग और व्यावसायिक संस्थानों को सील करना शुरू कर दिया है। हम अवैध गतिविधि में शामिल किसी भी व्यक्ति को नहीं छोड़ेंगे। ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं न हों, इसके लिए हम एक उदाहरण प्रस्तुत करेंगे।

वहीं, एमसीडी के अतिरिक्त आयुक्त तारिक थॉमस ने कहा, हमने शाम से ही कार्रवाई शुरू कर दी है। तीन बेसमेंट (बेसमेंट में चल रहे कोचिंग सेंटर) को बंद कर दिया गया है और हम आने वाले दिनों में आगे की कार्रवाई करेंगे, सरकार ने जांच के आदेश दे दिए हैं। बता दें, शनिवार रात को हुए कोचिंग सेंटर हादसे में तीन छात्रों की डूबकर मौत हो गई थी।

दिल्ली पुलिस ने दर्ज की एफआईआर

कोचिंग सेंटर हादसे के बाद दिल्ली पुलिस ने भी प्राथमिकी दर्ज की है। घटना की जांच के लिए कई कमेटी भी गठित की हैं। पुलिस ने राव आईएएस स्टडी सर्किल के मालिक और समन्वयक को भी गिरफ्तार कर लिया है और उन पर गैर इरादतन हत्या समेत अन्य आरोपों के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने बताया, हमने दिल्ली दमकल सेवा से उस इमारत और बेसमेंट के बारे में रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए कहा है, जिसका उपयोग एक लाइब्रेरी के रूप में किया जा रहा था, लेकिन उसे स्टोर रूम बताया गया था।

छात्रों को नहीं मिला निकलने का मौका

अधिकारियों के मुताबिक शनिवार शाम को हुई बारिश के बाद राव आईएएस के बेसमेंट में अचानक से पानी भरने लगा। वहां पर लाइब्रेरी होने की वजह से 18 छात्र मौजूद थे। पानी इतनी तेजी से आया कि तीन छात्र वहीं फंस गए और उनकी डूबकर मौत गई। अधिकारियों के मुताबिक, बेसमेंट जमीन के स्तर से आठ फुट नीचे था।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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