देश

आधी आबादी को मिला उसका हक, लोकसभा के बाद राज्यसभा से भी पारित हुआ महिला आरक्षण बिल

Women's Reservation Bill: राज्यसभा में महिला आरक्षण बिल पारित हुआ। इस विधेयक के पक्ष में 215 वोट पड़े जबकि किसी ने भी बिल के खिलाफ वोट नहीं डाला। विधेयक पर चर्चा के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि इस बिल से देश के लोगों में एक नया विश्वास पैदा होगा। वहीं मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि मैं इस विधेयक के समर्थन में खड़ा हूं।

Image

लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी महिला आरक्षण विधेयक पारित हुआ।

Photo : Twitter

Rajya Sabha News: लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी महिला आरक्षण विधेयक पारित हुआ। सदन में मौजूद सभी 214 सांसदों ने पक्ष में वोट किया और एक भी सांसद ने विरोध में वोट नहीं किया। मतों की गणना के बाद राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने बताया कि उच्च सदन में मौजूद सभी 214 सांसदों ने इस विधेयक के समर्थन में वोट डाले हैं।

पीएम मोदी ने कहा- लोगों में एक नया विश्वास पैदा होगा

महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कहना है, 'इस बिल से देश के लोगों में एक नया विश्वास पैदा होगा। सभी सदस्यों और राजनीतिक दलों ने महिलाओं को सशक्त बनाने और 'नारी शक्ति' को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आइए देश को एक मजबूत संदेश दें।' वहीं मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस मौके पर राज्यसभा में कहा है कि मैं इस विधेयक के समर्थन में खड़ा हूं। मेरी पार्टी और INDIA पार्टियां पूरे दिल से इस विधेयक का समर्थन करती हैं।

पी.वी. नरसिम्हा राव की सरकार को दिया श्रेय

राज्यसभा में महिला आरक्षण बिल पर बोलते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि 'मैं पूर्व प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव की सरकार को उस समय पंचायत राज में 33 प्रतिशत आरक्षण लाने का श्रेय देना चाहती हूं। परिणामस्वरूप, हमने पंचायत स्तर पर विकास देखा, जहां आज कई राज्यों द्वारा 33% आरक्षण को बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया है...पंचायत स्तर पर महिलाओं के योगदान को दर्शाता है। महिलाओं से संबंधित मामलों में हम कोई राजनीति नहीं करते। यह प्रधानमंत्री के लिए विश्वास का विषय है इसलिए हम वो सब कुछ करते हैं जो हमने किया है। चाहे वह अनुच्छेद 370 हो, तीन तलाक हो या अब महिला आरक्षण विधेयक।'

महिला आरक्षण विधेयक पर किसने-क्या कहा?

महिला आरक्षण बिल पर भाजपा सांसद हेमा मालिनी मे बोला कि प्रधानमंत्री मोदी ने जो भी किया है अच्छे मकसद से किया है। किसी अन्य प्रधानमंत्री ने ऐसी चीजें नहीं कीं...ऐसा करना (बिल का विरोध करना) उनका (विपक्ष का) काम है, हमें इसकी चिंता नहीं है। वहीं हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि यह एतिहासिक काम हुआ है। उनको पछतावा है कि यह उनके हाथ से नहीं हुआ। हमारे देश की महिलाएं खुश हैं और मैं उनको बधाई देता हूं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, इसकी अलोचना नहीं हो

महिला आरक्षण बिल पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने बोला कि यह राजनीतिक एजेंडा कैसे है? कांग्रेस ने 27 साल तक लटका कर रखा था। मोदी जी ने महिलाओं के लिए जो किया वह देश याद रखेगा। अभी बिल आया है और अभी परीसिमन होगा जिससे अगर कोई कोर्ट में चला भी जाए तो बिल वहां से खारिज ना हो जाए। वहीं केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बोला कि किसी को भी महिला आरक्षण बिल की आलोचना नहीं करनी चाहिए। यह बिल प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में लाया गया है और सभी को इसकी सराहना करनी चाहिए और इसका समर्थन करना चाहिए।

विधेयक पर इन अभिनेत्रियों ने कही ये बड़ी बात

अभिनेत्री तमन्ना भाटिया ने इसे लेकर कहा कि महिला आरक्षण बिल का पास होना हमारे देश के लिए ऐतिहासिक बात है। यह बिल बहुत जरूरी है। विश्व में महाशक्ति बनने की ओर ये पहला कदम होगा। वहीं एक्ट्रेस दिव्या दत्ता ने महिला आरक्षण बिल पर कहा कि हम भाग्यशाली हैं कि हम आज यहां आए, यह एक ऐतिहासिक दिन है। इसका हिस्सा बनना हमारे लिए खुशी की बात है। पहल करना जरूरी है, ये पहल प्रधानमंत्री मोदी ने की, इससे प्रोत्साहन मिलता है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

और पढ़ें
End of Article