रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज चीन के साथ उत्तरी सीमाओं पर बुनियादी ढांचा विकास परियोजनाओं पर चर्चा करने के लिए एक अहम बैठक की अध्यक्षता की। रक्षा अधिकारी ने बताया कि बैठक लगभग 2 घंटे तक चली और रक्षा मंत्री के आवास पर हुई।
रक्षा अधिकारी ने बताया कि बैठक में सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, बिजली मंत्री आरके सिंह, रेलवे और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव, पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव सहित वरिष्ठ मंत्रियों ने भाग लिया। एनएसए अजीत डोभाल, सीडीएस जनरल अनिल चौहान और सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे भी मौजूद थे।
चीन की चालबाजी
गलवान संघर्ष के तीन साल पूरे होने को हैं और चीन एक बार अपनी चालबाजी से बाज नहीं आ रहा है। हाल ही में जारी हुई एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन गलवान संघर्ष में इस्तेमाल किए गए कंटीले डंडानुमा हथियारों से मिलते जुलते नए हथियार खरीद रहा है। चीन ने एलएसी के इर्द-गिर्द सैनिकों की तैनाती पिछले तीन सालों से लगातार बढ़ाए हुए है और यहां युद्धाभ्यास भी करता है।भारत में घुसने की फिराक में चीन
भारत और चीन के बीच 17 दौर की बातचीत हो चुकी है और कुछ इलाकों से सैनिकों को हटाया भी गया है, लेकिन चीन अब भी गलवान संघर्ष की तर्ज पर भारत में घुसने की फिराक में है। चीन ने बेसबॉल बैट के आकार के नए हथियार खरीदे हैं जिन पर कंटीले तार लगे हुए हैं। गलवान संघर्ष में भी चीन ने इसी तरह के हथियारों का इस्तेमाल किया था। ऐसे डंडे जिन पर किलें लगी हुई थीं, उनसे भारतीय सैनिकों पर वार किया गया था।22 फरवरी को बीजिंग में भारत-चीन के बीच कूटनीतिक बातचीत हुई थी
भारत और चीन के बीच एलएसी (वास्तविक नियंत्रण रेखा) विवाद पर पहली बार 22 फरवरी, 2023 को बीजिंग में कूटनीतिक बातचीत हुई थी। दोनों देशों के बीच इस दौरान पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर टकराव वाली बची जगहों से अपने-अपने फौजी पीछे हटाने से जुड़े प्रस्तावों पर खुले और रचनात्मक तरीके से चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने बीजिंग में भारत-चीन सीमा विषय पर विचार विमर्श और समन्वय के कार्यकारी तंत्र (डब्ल्यूएमसीसी) की बैठक में इन प्रस्तावों पर चर्चा की। भारत-चीन ने मौजूदा समझौते और प्रोटोकॉल के तहत इस उद्देश्य को हासिल करने के लिए जल्द ही किसी तिथि पर 18वें चरण की वरिष्ठ सैन्य कमांडर स्तर की वार्ता आयोजित करने पर सहमति जताई।
मंत्रालय ने कहा था कि डब्ल्यूएमसीसी की 26वीं बैठक बीजिंग में 22 फरवरी 2023 को आमने-सामने बैठकर हुई। जुलाई 2019 में हुई 14वीं बैठक के बाद यह पहली डब्ल्यूएमसीसी बैठक थी जो आमने-सामने हुई। हालांकि, प्रस्तावों पर चर्चा के बाद भी कोई हल निकलने का संकेत नहीं है। बैठक में भारतीय शिष्टमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (पूर्वी एशिया) शिलपक अंबुले ने किया। चीनी शिष्टमंडल का नेतृत्व चीनी विदेश मंत्रालय में सीमा और समुद्री मामलों के विभाग के महानिदेशक होंग लियांग ने किया। अंबुले ने चीन की सहायक विदेश मंत्री हुआ चुनयिंग से भी मुलाकात की।
