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रिकॉर्ड कीमत पर बिकी रवि वर्मा की ‘यशोदा और कृष्ण’पेंटिंग, जानिए किसने लगाई Rs 167.20 करोड़ की बोली

मशहूर चित्रकार रवि वर्मा के करियर के उत्कर्ष काल के दौरान 1890 के दशक में बनाई गई यह कृति पौराणिक आकृतियों के माध्यम से भगवान कृष्ण की बाल्यावस्था और उनका पालन करने वाली माता यशोदा के मातृ प्रेम की एक सूक्ष्म व्याख्या प्रस्तुत करती है।

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मशहूर चित्रकार रवि वर्मा की पेंटिंगे।

Photo : PTI

Raja Ravi Varma’s Yashoda and Krishna painting: प्रख्यात भारतीय चित्रकार राजा रवि वर्मा की पेंटिंग "यशोदा और कृष्ण" बुधवार को मुंबई में सैफ्रोनआर्ट की स्प्रिंग लाइव नीलामी में रिकॉर्ड 167.20 करोड़ रुपये (17,978,495 अमेरिकी डॉलर) में बिकी। इसके साथ ही यह नीलामी में बिकने वाली आधुनिक भारतीय कला की अब तक की सबसे अधिक मूल्य वाली कृति बन गई है। इस पेंटिंग ने पिछले साल एक नीलामी में 118 करोड़ रुपये से अधिक की कीमत में बिकने वाली एमएफ हुसैन की अनाम (ग्राम यात्रा) पेंटिंग द्वारा बनाए गए पिछले रिकॉर्ड को तोड़ दिया।

अनुमानित मूल्य 80-120 करोड़ रुपये था

राजा रवि वर्मा की इस कृति का अनुमानित मूल्य 80-120 करोड़ रुपये था और इसे सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के प्रबंध निदेशक डॉ. साइरस एस. पूनावाला ने खरीद लिया। पूनावाला ने एक बयान में कहा, "मुझे राजा रवि वर्मा की प्रतिष्ठित पेंटिंग ’यशोदा और कृष्ण’ को प्राप्त करने, संरक्षित करने और उसकी देखभाल करने का अवसर पाकर गर्व महसूस हो रहा है। यह राष्ट्रीय धरोहर समय-समय पर जनता के दर्शन के लिए उपलब्ध होने योग्य है और मैं आगे चलकर इसे सुनिश्चित करने का प्रयास करूंगा।"

1890 के दशक में बनाई यह कृति

कलाकार के करियर के उत्कर्ष काल के दौरान 1890 के दशक में बनाई गई यह कृति पौराणिक आकृतियों के माध्यम से भगवान कृष्ण की बाल्यावस्था और उनका पालन करने वाली माता यशोदा के मातृ प्रेम की एक सूक्ष्म व्याख्या प्रस्तुत करती है। इसे वर्मा की सबसे महत्वपूर्ण और भावपूर्ण रचनाओं में से एक माना जाता है।

कौन हैं साइरस पूनावाला?

साइरस पूनावाला भारत के प्रमुख उद्योगपति और दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीन निर्माता समूहों में से एक सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के संस्थापक हैं। उनका जन्म 1941 में हुआ था। उन्होंने कम लागत में बड़े पैमाने पर वैक्सीन बनाकर भारत समेत कई देशों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया। कोविड-19 के दौरान उनकी कंपनी ने अहम भूमिका निभाई। वे अडार पूनावाला के पिता हैं, जो आज कंपनी का संचालन करते हैं। उनकी गिनती भारत के सबसे अमीर और प्रभावशाली उद्योगपतियों में होती है।

118 करोड़ रुपए में बिकी थी हुसैन की पेंटिंग

मशहूर भारतीय चित्रकार की सबसे महंगी पेंटिंग 'अनटाइटल्ड ग्राम यात्रा' मानी जाती है, जो वर्ष 2022 में करीब ₹118 करोड़ (लगभग $13.7 मिलियन) में नीलाम हुई थी। 1954 में बनाई गई इस पेंटिंग में भारत के ग्रामीण जीवन के विभिन्न पहलुओं को दर्शाया गया है। यह न केवल हुसैन की कला यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा है, बल्कि भारतीय आधुनिक कला के लिए भी एक बड़ा मील का पत्थर साबित हुई। इस रिकॉर्ड ने अंतरराष्ट्रीय कला बाजार में भारतीय कलाकारों की बढ़ती पहचान को भी उजागर किया।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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