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'सपने नहीं, हकीकत बुनते हैं...' अश्विनी वैष्णव ने चिनाब रेलवे ब्रिज का वीडियो किया साझा; इंजीनियरिंग की अनूठी मिसाल है ये आर्च ब्रिज

Chenab Bridge: आज पीएम मोदी जम्मू और कश्मीर के रियासी जिले में चिनाब नदी पर बने दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे आर्च ब्रिज का उद्घाटन करने वाले हैं। इस बीच केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में पुल का एक मनमोहक वीडियो साझा किया और कैप्शन में लिखा कि सपने नहीं, हकीकत बुनते हैं।

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अश्विनी वैष्णव ने चिनाब रेलवे ब्रिज का वीडियो किया साझा

Photo : Twitter

Chenab Bridge: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जम्मू और कश्मीर के रियासी जिले में चिनाब नदी पर बने दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे आर्च ब्रिज का उद्घाटन करने वाले हैं। चिनाब रेलवे पुल की विशेषताएं और ऊंचाई इसे भारतीय रेलवे के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बनाती हैं। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में पुल का एक मनमोहक वीडियो साझा किया और कैप्शन में लिखा कि सपने नहीं, हकीकत बुनते हैं।

नदी से 359 मीटर की ऊंचाई पर बना है ये ब्रिज

जानकारी के लिए बता दें, नदी से 359 मीटर की ऊंचाई पर स्थित वास्तुकला का चमत्कार चिनाब रेल पुल दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज है। यह 1315 मीटर लंबा स्टील आर्च ब्रिज है जिसे भूकंपीय और हवा की स्थितियों का सामना करने के लिए डिजाइन किया गया है। इस पुल का एक मुख्य प्रभाव जम्मू और श्रीनगर के बीच संपर्क को बढ़ाना होगा। वंदे भारत ट्रेन को अब कटरा और श्रीनगर के बीच यात्रा करने में लगभग 3 घंटे लगेंगे, जिससे मौजूदा यात्रा समय में 2-3 घंटे की कमी आएगी। यह पुल जम्मू और कश्मीर में उधमपुर-श्रीनगर-बारामुल्ला रेलवे लिंक (यूएसबीआरएल) परियोजना का हिस्सा है।

Chenab Bridge

Chenab Bridge

दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज, प्रतिष्ठित चिनाब रेलवे ब्रिज, कटरा-से-सांगलदान खंड का हिस्सा है, जो नई दिल्ली को कटरा के माध्यम से सीधे कश्मीर से जोड़ता है। जम्मू और कश्मीर के रियासी जिले में स्थित, चिनाब ब्रिज नदी तल से 359 मीटर की ऊंचाई पर खड़ा एक इंजीनियरिंग चमत्कार है। यह इतिहास में पहली बार आधिकारिक तौर पर कश्मीर घाटी को रेल के माध्यम से शेष भारत से जोड़ेगा। महत्वाकांक्षी उधमपुर-श्रीनगर-बारामुल्ला रेल लिंक (USBRL) का हिस्सा इस परियोजना को क्षेत्र के कठिन भूभाग और भूकंपीय संवेदनशीलता के कारण कई इंजीनियरिंग और रसद चुनौतियों का सामना करना पड़ा। फिर भी, वर्षों के सावधानीपूर्वक काम के बाद, यह पुल अब भारत की तकनीकी क्षमता और समावेशी विकास के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है। यह भारत के बुनियादी ढांचे के परिदृश्य में एक परिवर्तनकारी अध्याय है, जो क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी, आर्थिक विकास और सामाजिक एकीकरण का वादा करता है।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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