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Manipur: हिंसा से फिर सुलग उठा मणिपुर, आज मोईरांग में प्रभावित लोगों से मिलेंगे राहुल गांधी

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated Jun 30, 2023, 10:47 AM IST

Manipur Violence News : राहुल शुक्रवार सुबह इंफाल से मोईरांग के लिए रवाना हुए। यहां वह राहत शिविरों में रहने वाले लोगों से मिलेंगे और उनकी बात सुनेंगे। मणिपर कांग्रेस अध्यक्ष केशम मेघचंद्र ने बताया कि राहुल राज्य में समान विचारधारा वाले 10 दलों एवं यूनाइटेड नगा काउंसिल के नेताओं से मिलेंगे।

Manipur Violence News : करीब दो महीने बाद भी मणिपुर में हिंसा का दौर थम नहीं रहा है। गुरुवार को भी राज्य में कई जगहों पर हिंसा की कई घटनाएं हुईं। कांगपोकपी में दो लोगों की मौत के बाद भीड़ के उग्र होने पर उन्हें नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। मृत व्यक्ति का शव इंफाल लाए जाने पर वहां भी तनाव फैल गया। प्रदर्शनकारी कर्फ्यू तोड़ते हुए सड़कों पर आ गए और न्याय देने की मांग की। यहां नाराज भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस एवं रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) को आंसू गैस छोड़ने पड़े। मणिपुर में ये हिंसा ऐसे समय हो रही है जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी दो दिन के दौरे पर वहां पहुंचे हैं।

मणिपुर के नेताओं से भी मिलेंगे कांग्रेस नेता

राहुल शुक्रवार सुबह इंफाल से मोईरांग के लिए रवाना हुए। यहां वह राहत शिविरों में रहने वाले लोगों से मिलेंगे और उनकी बात सुनेंगे। मणिपर कांग्रेस अध्यक्ष केशम मेघचंद्र ने बताया कि राहुल राज्य में समान विचारधारा वाले 10 दलों एवं यूनाइटेड नगा काउंसिल के नेताओं से मिलेंगे। इंफाल लौटने के बाद उनका सिविल सोसायटी के लोगों से भी मिलने का कार्यक्रम है।

चुराचांदपुर में हिंसा प्रभावित लोगों से मिले राहुल

गुरुवार को अपनी यात्रा के पहले दिन राहुल ने चुराचांदपुर में हिंसा प्रभावित लोगों से मिले। कांग्रेस नेता ने अपने एक ट्वीट में कहा, 'मैं मणिपुर के अपने सभी भाई एवं बहनों की बातें सुनने आया हूं। यहां सभी समुदाय के लोग बहुत प्यारे हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार मुझे रोक रही है। मणिपुर को मरहम लगाने की जरूरत है। शांति ही हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।'

कांगपोकपी में संदिग्ध दंगाइयों की मौत

गौरतलब है कि कांगपोकपी जिले के हराओठेल गांव में सुरक्षा कर्मियों के साथ मुठभेड़ में दो संदिग्ध दंगाइयों की मौत हो गयी और पांच अन्य घायल हो गए। रिपोर्टों में अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि हथियारों से लैस ‘दंगाइयों’ने बिना किसी उकसावे के गोलीबारी की थी। थलसेना ने बताया कि सुरक्षाकर्मियों ने स्थिति को काबू में करने के लिए सुव्यस्थित तरीके से जवाब दिया। अधिकारियों ने बताया कि बाद में, दोनों दंगाई जिस समुदाय से आते हैं, उसके सदस्यों ने उनके शवों के साथ इंफाल में मुख्यमंत्री आवास तक जुलूस निकालने की कोशिश की।

इंफाल में उग्र हुए प्रदर्शनकारी

पुलिस ने जब उन्हें मुख्यमंत्री आवास तक जाने से रोका तो जुलूस हिंसक हो गया। पुलिस ने इंफाल के बीचोंबीच स्थित ख्वायरमबंद बाजार में एकत्र हुई भीड़ को खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए प्रदर्शनकारी सड़क के बीचोंबीच टायर जलाए जाते भी देखे गए।

सरमा बोले-दौरे से मतभेद न बढ़ाएं नेता

इस बीच, असम के मुख्यमंत्री हिमंता विश्व सरमा ने राहुल के मणिपुर दौरे पर कहा कि राज्य में स्थिति करुणा के जरिए मतभेदों को दूर करने की मांग करती है, न कि किसी नेता के दौरे से मतभेद बढ़ाने की। शर्मा ने कहा कि गांधी के मणिपुर दौरे को मीडिया ने बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया है और इस वक्त किसी को पूर्वोत्तर राज्य की ‘दुखद’स्थिति से राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।

आलोक कुमार राव
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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