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पुल, प्लेटफार्म या मूर्तियां रिबन काटने के साथ ही गिरने लगे- बांद्रा टर्मिनस हादसे पर राहुल गांधी ने सरकार को घेरा

मुंबई में बांद्रा रेलवे स्टेशन पर रविवार सुबह गोरखपुर जाने वाली एक ट्रेन में चढ़ने के लिए धक्का-मुक्की के दौरान मची भगदड़ में नौ लोग घायल हो गए, जिनमें से दो की हालत गंभीर है।

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी

Photo : Twitter
KEY HIGHLIGHTS
  • बांद्रा में रेलवे स्टेशन पर मची थी भगदड़
  • ट्रेन पर चढ़ने के दौरान भगदड़
  • भगदड़ में 9 यात्री हुए घायल

बांद्रा टर्मिनस भगदड़ मामले में राहुल गांधी ने मोदी सरकार बड़ा हमला बोला है। राहुल गांधी ने कहा कि उद्घाटन और प्रचार तभी अच्छे हैं जब उनके पीछे ऐसी बुनियाद हो जो जनता की सेवा के लिए असल में काम करे। जब सार्वजनिक संपत्ति के रख-रखाव के अभाव और उपेक्षा के कारण लोगों की जान जाने लगे और पुल, प्लेटफार्म या मूर्तियां रिबन काटने के साथ ही गिरने लगें, तो यह गंभीर चिंता का विषय है।

'अंतरराष्ट्रीय स्तर के बुनियादी ढांचे की आवश्यकता'

सोशल मीडिया पर एक लंबा पोस्ट लिखकर राहुल गांधी ने हाल के दिनों में हुए हादसों को लेकर सरकार को घेरते हुए कहा कि देश में अंतरराष्ट्रीय स्तर के बुनियादी ढांचे की आवश्यकता है जो गरीबों की स्थानीय जरूरतों का भी ध्यान रखें - जो व्यापार को सरल, यात्रा को सुगम और लोगों को सुरक्षित रखे।

राहुल गांधी ने किन-किन घटनाओं का किया जिक्र

हाल ही में मुंबई के बांद्रा टर्मिनस स्टेशन पर हुई भगदड़, भारत के ढहते बुनियादी ढांचे की कड़ी में सबसे ताज़ा उदाहरण है। पिछले साल जून में बालासोर ट्रेन हादसे में 300 लोगों की जान चली गई, लेकिन पीड़ितों को मुआवजा देने के बजाय भाजपा सरकार ने उन्हें लंबे कानूनी दांव-पेंच में उलझा दिया है। सोचिए ज़रा जब छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति तक मात्र 9 महीने में गिर जाती है, इसका साफ मतलब है इरादा सिर्फ प्रचार था - इसमें न ही शिवाजी महाराज का सम्मान था और न जनता की सुरक्षा का ध्यान।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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