Stampede at Bandra Terminus Station: मुंबई के बांद्रा टर्मिनस स्टेशन पर रविवार तड़के मची भगदड़ में 10 लोग घायल हो गए। घटना रविवार तड़के करीब तीन बजे की बताई जा रही है। मुंबई के बांद्रा टर्मिनस स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर यात्रियों की ज्यादा भीड़ की वजह से भगदड़ मच गई। जिसमें दस यात्रियों के घायल होने की सूचना है। रेलवे ने इस हादसे को लेकर बयान जारी किया है। जिसमें कहा है की चलती ट्रेन पर चढ़ने की कोशिश ना करें। जिस तरह का हादसा आज सुबह हुआ है उसको लेकर सेफ्टी नॉर्म्स फॉलो करने की बात कही गई है।
री शेड्यूल की गई थी ट्रेन
बताया जा रहा है रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर पर भीड़ बहुत ज्यादा थी जिसे वहां मौजूद पुलिसकर्मी काबू नहीं कर पाए, जिससे ये हादसा हो गया। बता दें कि यहां पर साप्ताहिक चलने वाली बांद्रा गोरखपुर एक्सप्रेस ट्रेन री शेड्यूल हुई और गाड़ी को सुबह 5.10 पर निकलना था। लेकिन री शेड्यूल होने के बाद आज सुबह गाड़ी प्लेटफार्म पर देरी से पहुंची।
बोगी में चढ़ते समय मची भगदड़
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक गाड़ी के स्टेशन पर लगते ही अधिक संख्या में मौजूद लोग ट्रेन में चढ़ने का प्रयास करने लगे। इसके जनरल बोगी में चढ़ने के दौरान भगदड़ मच गई। रेलवे ने हादसे में 10 लोगों के घायल होने की पुष्टि की है। कुछ का पैर भी फ्रैक्चर हो गया है। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया जिसमें से दो लोगों को डिस्चार्ज कर दिया गया। अन्य का इलाज भाभा अस्पताल में चल रहा है। हालांकि ट्रेन अपने रीशेड्यूलिंग टाइम 5 बजकर 10 मिनट पर रवाना हो गई और अभी स्टेशन पर स्थिति काबू में है।
यात्री चलती ट्रेन में चढ़ने से बचें
पश्चिम रेलवे ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश न करें। साथ ही यह भी कहा कि वे रलवे स्टाफ द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें। स्टेशन पर रेलवे के जीआरपी, आरपीएफ और टिकट चेकिंग स्टाफ मौजूद रहते हैं, जिससे कि यात्रियों की सुरक्षित और सुविधाजनक बोर्डिंग को सुनिश्चित किया जा सके। जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक ने बताया कि शेड्यूल ट्रेनों के लिए पश्चिम रेलवे ने यात्री सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था की है। साथ ही टिकट काउंटर्स बढ़ाए गए हैं और प्रमुख स्टेशनों पर होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं, जिससे यात्रियों को आराम से बैठाया जा सके और सुव्यवस्थित कतार के जरिए ट्रेन बोर्डिंग की प्रक्रिया को सुचारू बनाया जा सके।
(इनपुट - IANS)
