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वोट चोरी एक राष्ट्र-विरोधी काम- BMC इलेक्शन में ऐसा क्या हुआ कि चुनाव आयोग पर भड़क गए राहुल गांधी

BMC Election 2026: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव के मतदान के बाद लगाई जाने वाली स्याही के निशान को लेकर विवाद उठ खड़ा हुआ है। यह निशाना आसानी से नहीं मिटना चाहिए, लेकिन ऐसे कई दावे सामने आए हैं, जिसमें निशान को आसानी से हटाते हुए देखा जा सकता है। जिससे बोगस वोटिंग की संभावना बढ़ जाती है।

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राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर BMC Election में गड़बड़ी पर घेरा

BMC Election 2026: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर BMC इलेक्शन में कथित गड़बड़ी को लेकर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने एक आर्टिकल को शेयर करते हुए लिखा कि वोट चोरी, राष्ट्र विरोधी काम है। राहुल गांधी ने उन खबरों को लेकर चुनाव आयोग पर निशाना साधा है, जिसमें मतदान के दौरान लगाई जाने वाली स्याही के निशान तुरंत हट जा रहे थे, जिससे बोगस वोटिंग की संभावना बन जाती है।

BMC चुनाव वोटिंग के दौरान क्या हुआ था?

विपक्षी दलों के नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता की उंगली पर लगा निशान आसानी से मिटाया जा सकता है, जिससे फर्जी मतदान की संभावना है। बीएमसी सहित 29 नगर निकायों के लिए मतदान के बीच, सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो की बाढ़ आ गई, जिनमें यह दावा किया गया था कि एसीटोन जैसे रसायनों का उपयोग कर स्याही को कैसे मिटाया जा सकता है। कांग्रेस की मुंबई इकाई की नेता एवं लोकसभा सदस्य वर्षा गायकवाड ने अपने पार्टी सहयोगी का एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें वह अपनी उंगली में लगी स्याही मिटाने के लिए एसीटोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘क्या बीएमसी जवाबदेही से पल्ला झाड़ रही है? सुबह से हमें कई शिकायतें मिल रही हैं कि मताधिकार का निशान दिखाने के लिए इस्तेमाल की जा रही स्याही आसानी से मिटाई जा सकती है। मेरे सहयोगी और उनकी पत्नी यहां दिखा रहे हैं कि इस स्याही को एसीटोन या ‘नेल पॉलिश रिमूवर’ से कितनी आसानी से मिटाया जा सकता है।’’

विवाद के बाद राहुल ने बोला हमला

राहुल गांधी ने इसी स्याही कांड को लेकर चुनाव आयोग पर हमला बोला और कहा- "इलेक्शन कमीशन का नागरिकों को गुमराह करना ही हमारे लोकतंत्र में भरोसे के खत्म होने की वजह है। वोट चोरी एक राष्ट्र-विरोधी काम है।"

चुनाव आयोग ने क्या कहा?

‘पीटीआई-भाषा’ से बात करते हुए, राज्य निर्वाचन आयुक्त दिनेश वाघमारे ने कहा कि विवाद को देखते हुए, एसईसी आगामी जिला परिषद चुनावों में मार्कर कलम का उपयोग नहीं करेगा, बल्कि विधानसभा और लोकसभा चुनावों में इस्तेमाल होने वाली पारंपरिक स्याही का उपयोग करेगा - जिसका उत्पादन कर्नाटक सरकार की कंपनी मैसूर पेंट्स एंड वार्निश लिमिटेड द्वारा किया जाता है। उन्होंने कहा, ‘‘एसईसी ने जांच करने का फैसला किया है... इसमें न केवल स्याही की गुणवत्ता बल्कि दिन भर प्रसार किये गए वीडियो की भी जांच की जाएगी। वीडियो की जांच यह पता लगाने के लिए की जा रही है कि क्या मतदान के दौरान उंगली पर यह स्याही लगाई गई थी या किसी शरारतपूर्ण तरीके से ऐसा किया। हम राज्य भर में आज इस्तेमाल किए गए मार्कर कलम का नमूना लेंगे और हमें आपूर्ति की गई स्याही की गुणवत्ता की पुष्टि करेंगे। स्याही की गुणवत्ता का फार्मूला निर्वाचन आयोग द्वारा अंतिम रूप दिया गया है और एक निजी कंपनी ने एसईसी को कलम की आपूर्ति की है। हम 2011 से सभी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए इन कलम का उपयोग कर रहे हैं।"।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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