देश

राहुल गांधी फिर जाएंगे विदेश, विपक्ष के नेता के तौर पर पहली बार करेंगे अमेरिका यात्रा

Rahul Gandhi: इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा ने राहुल गांधी की विदेश यात्रा की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी 8 से 10 सितंबर तक अमेरिका की यात्रा करेंगे। वह डलास और वाशिंगटन डीसी में विदेशी छात्रों, कानूनविदों, सांसदों व भारतीय प्रवासियों से बातचीत कर सकते हैं।

Image

कांग्रेस नेता राहुल गांधी।

Photo : Twitter

Rahul Gandhi: कांग्रेस नेता राहुल गांधी एक बार फिर से विदेश यात्रा पर जा रहे हैं। सितंबर के दूसरे सप्ताह में राहुल गांधी अमेरिका में होंगे। लोकसभा में विपक्ष के नेता बनने के बाद उनकी यह पहली विदेश यात्रा होगी। जानकारी के मुताबिक, राहुल गांधी 8 से 10 सितंबर तक तीन दिवसीय अमेरिका यात्रा पर रहेंगे। इस दौरान वह भारतीय प्रवासियों, छात्रों, अमेरिकी सांसदों व कानूनविदों से मुलाकात कर सकते हैं।

इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा ने इस संबंध में जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी बहुत ही संक्षिप्त यात्रा के लिए अमेरिका आ रहे हैं। वे 8 सितंबर को डलास में होंगे। इसके बाद 9 और 10 सितंबर को राहुल गांधी वाशिंगटन डीसी की यात्रा पर रहेंगे। उन्होंने कहा, जब से राहुल गांधी विपक्ष के नेता बने हैं मुझे 32 देशों के भारतीय प्रवासी कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में भारतीय प्रवासी राजनयिकों, शिक्षाविदों, व्यापारियों, नेताओं, अंतर्राष्ट्रीय मीडिया और कई अन्य लोगों से राहुल गांधी के साथ बातचीत करने के लिए लगातार अनुरोध मिल रहे हैं।

ये होगा राहुल गांधी का कार्यक्रम

सैम पित्रोदा ने राहुल गांधी की अमेरिका यात्रा को लेकर पूरी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि 7 सितंबर को राहुल गांधी भारत से अमेरिका के लिए रवाना हो सकते हैं। वह 8 सितंबर को डलास पहुंचेंगे। यहां पर वह टेक्सास यूनिवर्सिटी के छात्रों, शिक्षाविदों और समुदाय के लोगों के साथ बातचीत करेंगे। इस दौरान एक बहुत बड़ी सामुदायिक सभा का आयोजन किया जाएगा। इसमें राहुल गांधी कुछ टेक्नोक्रेट से भी मुलाकात कर सकते हैं। वहीं डलास के क्षेत्रीय नेताओं के साथ राहुल गांधी रात्रिभोज करेंगे। अगले दिन वे वाशिंगटन डीसी जाएंगे, जहां एक थिंक टैंक, नेशनल प्रेस क्लब और अन्य लोगों से बातचीत करने की योजना बना रहे हैं। बता दें, इससे पहले राहुल गांधी बीते साल जून में अमेरिका गए थे। इस दौरान उन्होंने यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स से संवाद किया था और एक प्रेस वार्ता को भी संबोधित किया था।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

और पढ़ें
End of Article