देश

राहुल ने संसद परिसर में दिखाए जनरल नरवणे की किताब के अंश, कहा- पीएम मोदी को भेंट करूंगा

राहुल ने कहा कि जनरल नरवणे ने लद्दाख में जो कुछ हुआ उसका पूरा विवरण लिखा है। राहुल ने कहा कि उन्हें बताया गया है कि वे लोकसभा में इस संस्मरण का हवाला नहीं दे सकते। कांग्रेस नेता ने संस्मरण का हवाला देते हुए कहा, मुख्य बात प्रधानमंत्री की कही बात है - 'जो उचित समझो वो करो'।

Image

राहुल गांधी का पीएम मोदी पर निशना

Photo : PTI

विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण का हवाला देते हुए दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2020 के भारत-चीन संघर्ष के दौरान अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई और सारा दोष नरवणे पर डाल दिया। संसद भवन परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए राहुल गांधी ने नरवणे का अप्रकाशित संस्मरण दिखाते हुए कहा कि वह चाहते हैं कि भारत के युवा यह जानें कि सरकार के दावों के बावजूद यह 'किताब' मौजूद है। राहुल ने कहा, अध्यक्ष ने कहा है कि यह किताब मौजूद नहीं है, सरकार ने कहा है कि यह मौजूद नहीं है, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी ने कहा है कि यह किताब मौजूद नहीं है। भारत के हर युवा को यह किताब देखनी चाहिए। राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री अगर लोकसभा में आए तो मैं उन्हें पूर्व सेना प्रमुख नरवणे की किताब भेंट करूंगा।

नरवणे ने लद्दाख में जो कुछ हुआ उसका पूरा विवरण लिखा

राहुल ने कहा कि जनरल नरवणे ने लद्दाख में जो कुछ हुआ उसका पूरा विवरण लिखा है। राहुल ने कहा कि उन्हें बताया गया है कि वे लोकसभा में इस संस्मरण का हवाला नहीं दे सकते। कांग्रेस नेता ने संस्मरण का हवाला देते हुए कहा, मुख्य बात प्रधानमंत्री की कही बात है - 'जो उचित समझो वो करो'। जब सेना प्रमुख जनरल नरवणे ने राजनाथ सिंह को फोन करके पूछा, 'चीनी टैंक आ गए हैं, हमें क्या करना चाहिए?' तो राजनाथ सिंह ने पहले तो कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने (नरवणे ने) एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारी (अजीत डोवाल) और राजनाथ सिंह से पूछा, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला।

राहुल का दावा- नरवणे ने राजनाथ को भी लगाया फोन

राहुल ने कहा, उन्होंने (नरवणे) फिर राजनाथ सिंह जी को फोन किया, जिन्होंने कहा, मैं ऊपर से पूछूंगा। ऊपर से एक स्थायी आदेश था कि अगर चीनी सेनाएं आती हैं तो हमारी अनुमति के बिना उन पर गोली न चलाएं। नरवणे जी और हमारी सेना उन पर गोली चलाना चाहती थी क्योंकि वे हमारे क्षेत्र में घुस आए थे।

नरेंद्र मोदी ने संदेश दिया - 'जो उचित समझो वो करो'। यानी उन्होंने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई। उन्होंने सेना प्रमुख से कहा आपको जो करना है करो मेरी बस की नहीं है।

पीएम मोदी लोकसभा में आए तो उन्हें किताब दूंगा

पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे कहा कि सेना प्रमुख ने लिखा है कि उन्होंने खुद को अकेला महसूस किया और पूरे तंत्र ने उन्हें छोड़ दिया। संसद में मेरे ऐसा कहने से वे डरते हैं। मुझे नहीं लगता कि प्रधानमंत्री आज लोकसभा में आने की हिम्मत करेंगे। अगर वे आए, तो मैं उन्हें यह किताब दूंगा। मंगलवार को लोकसभा में सरकार और विपक्ष के बीच टकराव और तेज हो गया, जब राहुल को लगातार दूसरे दिन 2020 के भारत-चीन संघर्ष पर नरवणे के एक अप्रकाशित संस्मरण का हवाला देने वाले लेख का जिक्र करने से रोक दिया गया, जिसके बाद आठ विरोध करने वाले सांसदों को गलत बर्ताव के आरोप में निलंबित कर दिया गया।

कांग्रेस के सात और सीपीआई (एम) के एक सांसद को महासचिव की मेज पर चढ़ने, कागज फाड़ने और उन्हें अध्यक्ष पर फेंकने की कोशिश करने के आरोप में बजट सत्र के शेष समय के लिए निलंबित कर दिया गया है। बजट सत्र 2 अप्रैल को समाप्त होगा। गांधी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर सदन में बोलने से रोके जाने पर कड़ा विरोध जताया है और इसे हमारे लोकतंत्र पर कलंक बताया है। उन्होंने यह भी कहा है कि इतिहास में पहली बार विपक्ष के नेता को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलने की अनुमति नहीं दी गई है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article