Putin speaks to PM Modi- पहलगाम हमले (Pahalgam Attack) पर भारत के रुख को रूस का समर्थन मिला है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) से फोन पर बातचीत में कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए। उन्होंने इस भीषण हमले की कड़ी निंदा की। विदेश मंत्रालय के अनुसार पुतिन ने मोदी से यह भी कहा कि रूस आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई का पूरा समर्थन करता है।
आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में रूस साथ
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट में कहा, राष्ट्रपति पुतिन @KremlinRussia_E ने प्रधानमंत्री @narendramodi को फोन किया और भारत के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की। जायसवाल ने कहा, उन्होंने निर्दोष लोगों की मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त की और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत को पूरा समर्थन दिया।
दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए
जायसवाल ने कहा, उन्होंने (पुतिन) इस बात पर जोर दिया कि इस जघन्य हमले के दोषियों और उनके समर्थकों को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि पीएम मोदी और पुतिन ने भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। प्रधानमंत्री ने रूसी राष्ट्रपति को 'विजय दिवस' की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर शुभकामनाएं दीं। पीएम मोदी ने पुतिन को इस वर्ष के अंत में भारत में आयोजित होने वाले भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए भी आमंत्रित किया।
पुतिन ने उच्च स्तरीय बैठक के लिए पीएम मोदी का निमंत्रण किया स्वीकार
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने वार्षिक उच्च स्तरीय बैठक के वास्ते भारत आने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है। दोनों नेताओं ने टेलीफोन पर बातचीत की। देश के राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन ने सोमवार को यह जानकारी दी। उसने कहा कि नेताओं ने बातचीत के दौरान आतंकवाद के किसी भी स्वरूप के खिलाफ बिना किसी समझौते के लड़ाई की आवश्यकता पर जोर दिया।
क्रेमलिन ने एक बयान में कहा, भारतीय नेता ने रूसी राष्ट्रपति को वार्षिक द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिये भारत आने का निमंत्रण दिया है। इस निमंत्रण को कृतज्ञतापूर्वक स्वीकार कर लिया गया है। इसमें कहा गया कि उन्होंने रूस और भारत के बीच संबंधों की रणनीतिक प्रकृति पर जोर दिया। बयान में कहा गया कि दोनों देशों के बीच संबंधों पर किसी भी तरह के बाहरी प्रभाव से असर नहीं पड़ता है तथा ये सभी दिशाओं में आगे बढ़ते रहते हैं।
सरकारी रेडियो ‘वेस्टी एफएम’ द्वारा जारी समाचार में कहा गया कि राष्ट्रपति पुतिन ने 22 अप्रैल को पहलगाम में भारतीय नागरिकों पर हुए क्रूर आतंकवादी हमले की निंदा की और इस घटना में मारे गए लोगों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने (पुतिन) मोदी को आश्वासन दिया कि रूस आतंकवाद के सभी रूपों का मुकाबला करने में भारत के साथ खड़ा है। प्रधानमंत्री ने रूस के विक्टरी डे की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर रूसी राष्ट्रपति को शुभकामनाएं दीं।
सरकार के बड़े फैसले
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने कई बड़े फैसले लिए हैं जिनमें अटारी में बॉर्डर बंद करना, पाकिस्तानी नागरिकों के लिए सार्क वीजा छूट योजना को निलंबित करना, उच्चायोग में अधिकारियों की संख्या कम करना शामिल है। भारत ने पहलगाम हमले के मद्देनजर 1960 में हस्ताक्षरित सिंधु जल संधि को भी स्थगित कर दिया है। इसे लेकर पाकिस्तान इस कदर भड़क उठा कि उसने युद्ध की धमकी भी दी है।
