Ketan Agrawal Pune Murder: पुणे के मशहूर रियल एस्टेट ग्रुप 'सक्सेस ग्रुप' के डायरेक्टर और सीएमओ केतन अग्रवाल (Ketan Agrawal) की मौत के मामले में हर दिन चौंकाने वाले और बेहद खौफनाक खुलासे हो रहे हैं। लोहागढ़ किले (Lohagad Fort) की 400 फीट गहरी खाई में गिरकर हुई केतन की मौत जिसे पहले एक हादसा समझा जा रहा था, वह दरअसल एक सोची-समझी और क्रूर मर्डर मिस्ट्री निकली। पुलिस जांच में अब इस हत्याकांड के पीछे का असली और बेहद चौंकाने वाला मोटिव सामने आया है।
'शादी के लिए मेंटली तैयार नहीं थी मंगेतर सिया'
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने समाचार एजेंसी ANI को बताया कि केतन की मंगेतर और मुख्य आरोपी सिया गोयल इस शादी के लिए मानसिक रूप से बिल्कुल तैयार नहीं थी। केतन का परिवार बेहद रईस था और दोनों की शादी इसी साल नवंबर में होने वाली थी। इसके लिए राजस्थान में करोड़ों रुपये का एक महल बुक किया जा चुका था और मेहमानों के लिए दो प्राइवेट एयरक्राफ्ट तक बुक हो चुके थे। लेकिन सिया अपने परिवार के भारी दबाव के कारण इस रिश्ते में बंधी हुई थी। वह पुणे के कोंढवा इलाके के रहने वाले चेतन चौधरी नाम के युवक से प्यार करती थी और केतन को अपने प्यार के बीच का सबसे बड़ा रोड़ा मानती थी।
पासपोर्ट चोरी से लेकर 'सांप के ड्रामे' तक...प्लानिंग
केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने पुलिस के सामने सिया की उन खौफनाक साजिशों की परतें खोली हैं, जिन्हें सुनकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएं:
साजिश 1 (बाली ट्रिप कैंसिलेशन): केतन, सिया और उनके भाई-बहन प्री-वेडिंग ट्रिप के लिए इंडोनेशिया (बाली) जा रहे थे। मुंबई एयरपोर्ट जाते समय लोनावला के एक फूड मॉल पर गाड़ी रुकी। सिया फोन लेने के बहाने अकेले गाड़ी में गई और केतन का पासपोर्ट पाउच से गायब कर दिया। एयरपोर्ट पहुंचने पर पासपोर्ट न मिलने के कारण ट्रिप कैंसिल हो गई। इसके बाद सिया ने जानबूझकर केतन से झगड़ा किया और उसे लोहागढ़ किले चलने के लिए मजबूर किया।
साजिश 2 (14 जून का पहला हमला): पिता के मुताबिक, 18 जून की घटना से ठीक 4 दिन पहले (14 जून को) भी सिया केतन को उसी जगह ले गई थी। वहां उसने केतन को खाई की तरफ धकेला था, लेकिन केतन ने सूझबूझ दिखाते हुए वहां मौजूद झाड़ियों को पकड़ लिया और अपनी जान बचाई। जब केतन ने पूछा कि तुमने धक्का क्यों दिया, तो सिया ने झूठा नाटक करते हुए कहा, 'वहां सांप था! मैंने तुम्हें सांप से बचाने के लिए धक्का दिया था।'
18 जून का 'डेथ ट्रैप': प्रेमी ने पहले से किया था इंतजार
पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक (SP) संदीप सिंह गिल ने बताया कि 18 जून को सिया के जन्मदिन के बहाने यह पूरी खूनी साजिश रची गई। सिया और प्रेमी चेतन ने पहले एक कैफे में बैठकर मर्डर का फुलप्रूफ प्लान बनाया। प्लान के मुताबिक, चेतन चौधरी केतन और सिया के पहुंचने से पहले ही लोहागढ़ किले पहुंच गया था।
जैसे ही केतन और सिया एक सुनसान पॉइंट पर पहुंचे, चेतन ने पीछे से आकर सिया के साथ मिलकर कथित तौर पर केतन को 400 फीट गहरी खाई में धक्का दे दिया। इसके बाद सिया ने पुलिस को गुमराह करने के लिए कहानी रची कि तेज हवाओं के कारण फोटो खींचते वक्त केतन का पैर फिसल गया।
'चेहरे पर नहीं था कोई दुख'- पिता का आरोप
केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने बताया कि जब पुलिस उनके बेटे का शव लेकर आई, तो सिया के चेहरे पर शिकन तक नहीं थी। उसने कोई रिएक्शन नहीं दिया और न ही उसके चेहरे पर कोई दुख था। पिता का यह भी आरोप है कि सिया का परिवार भी इस पूरी साजिश से वाकिफ हो सकता है, हालांकि पुलिस अभी इस एंगल की पुष्टि नहीं कर रही है।
लोनावला रूरल पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत हत्या और आपराधिक साजिश का मुकदमा दर्ज कर सिया और चेतन दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट ने दोनों को 29 जून तक पुलिस रिमांड पर भेजा है। पुलिस अब दोनों के मोबाइल के डिजिटल डेटा और फॉरेंसिक सबूतों को खंगालने में जुटी है।
