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हवन-पूजन, 'सेंगोल' स्थापना, सर्व धर्म प्रार्थना सभा, जानें नई संसद के उद्घाटन तक क्या-क्या हुआ, Video

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated May 28, 2023, 09:08 AM IST

Inauguration of new Parliament building: विशेष अवसरों पर प्रधानमंत्री खास परिधान में नजर आते रहे हैं। आज का दिन भी खास था। लोगों की नजरें इस बात पर टिकी थीं कि उद्घाटन समारोह के लिए पीएम कौन सा परिधान पहनने वाले हैं। हुआ कुछ ऐसा ही। प्रधानमंत्री जब संसद परिसर पहुंचे तो वह खास परिधान में नजर आए।

Inauguration of new Parliament building: करीब एक शताब्दी के बाद रविवार को देश को नई संसद मिल गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को नए संसद भवन को उद्घाटन कर इसे देश को समर्पित कर दिया। लोगों को इस खास दिन का बेसब्री से इंतजार था। प्रधानमंत्री सुबह भारतीय पारंपरिक परिधान में नए संसद परिसर पहुंचे। यहां पहुंचने के बाद उन्होंने सबसे पहले महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और फिर वहां बनाए गए पंडाल में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-पूजन में भाग लिया।

धोती-कुर्ते में नजर आए पीएम

विशेष अवसरों पर प्रधानमंत्री खास परिधान में नजर आते रहे हैं। आज का दिन भी खास था। लोगों की नजरें इस बात पर टिकी थीं कि उद्घाटन समारोह के लिए पीएम कौन सा परिधान पहनने वाले हैं। हुआ कुछ ऐसा ही। प्रधानमंत्री जब संसद परिसर पहुंचे तो वह खास परिधान में नजर आए। वह धोती-कुर्ता और सदरी पहने हुए थे। धोती में पीएम अब तक कम नजर आए हैं। इस पारंपरिक भारतीय परिधान में उनका उत्साह एवं आत्मविश्वास गजब का था। वह पैदल चलते हुए महात्मा गांधी की प्रतिमा तक पहुंचे। वहां पहले से मौजूद लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला ने पीएम का स्वागत किया। फिर पीएम ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए।

पंडाल में की पूजा-अर्चना

महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करने के बाद पीएम मोदी वहां बने पंडाल में गए। वहां पर तमिलनाडु से आए अधीनम एवं पुजारी पहले से मौजूद थे। यहां फिर पीएम और बिरला पूजा की वेदी पर बैठे। फिर अधीनमों एवं पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन संपन्न कराया। हवन संपन्न होने के बाद अधीनमों ने पीएम को 'सेंगोल' भेंट की। 'सेंगोल' (राजदंड) धारण करने से पहले प्रधानमंत्री ने उसे दंडवत प्रणाम किया और संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया। फिर 'सेंगोल' को लेकर वह लोकसभा की तरफ बढ़े।

लोकसभा में स्थापित किया 'सेंगोल'

'सेंगोल' को लेकर पीएम लोकसभा में स्पीकर के आसन तक धीरे-धीरे बढ़े। उनके पीछे ओम बिरला भी थे। फिर पीएम स्पीकर के आसन तक गए और वहां 'सेंगोल' को स्थापित किया। राजदंड की स्थापना के समय पीएम के साथ लोकसभा स्पीकर बिरला भी रहे। यहां प्रधानमंत्री ने नई संसद के निर्माण में योगदान देने वाले श्रमिकों एवं शिल्पकारों को सम्मानित किया और कुछ देर उनके साथ बातचीत भी की।

सर्व धर्म प्रार्थना सभा

'सेंगोल' की स्थापना के बाद वहां सर्व धर्म प्रार्थना सभा शुरू हुई। प्रार्थना सभा के समय केंद्रीय मंत्री, राज्यों के मुख्यमंत्री, विभागों के सचिव एवं अन्य गणमान्य अतिथि मौजूद थे। यहां एक-एक कर सभी धर्माचार्यों ने अपनी प्रार्थना की और नई संसद को अपना आशीर्वाद दिया।

नई संसद भवन का लोकार्पण किया

सर्व धर्म प्रार्थना सभा के संपन्न हो जाने के बाद प्रधानमंत्री मोदी अपनी जगह से उठे और फिर नई संसद की पट्टिका का अनावरण कर देश को इसे समर्पित किया। उद्घाटन के मौके पर लोकसभा स्पीकर उनके साथ रहे। इस दौरान वहां उपस्थित सभी मेहमानों ने ताली बजाकर उद्घाटन का स्वागत किया। इसके साथ ही 96 साल बाद देश को नई संसद मिल गई।

आलोक कुमार राव
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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