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प्रीडेटर ड्रोन बढ़ाएंगे सेना की ताकत, नजर से बच नहीं पाएगा दुश्मन, सटीक वार से होगा काम तमाम

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated Jun 16, 2023, 01:19 PM IST

America, Predator drones: अमेरिका के साथ यह सौदा तीन अरब डॉलर (करीब 240 अरब रुपए खर्च होंगे) में होगा। इस डील के तहत मिलने वाले 31 ड्रोन में से 15 नौसेना के पास जाएंगे। जाहिर है कि इससे हिंद महासागर में नौ सेना की निगरानी क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी।

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अमेरिका से भारत को मिलेंगे प्रीडेटर ड्रोन।

Photo : AP

America, Predator drones: नए हथियारों एवं तकनीक से खुद को लैस करती भारतीय सेना को आने वाले दिनों में अचूक मारक क्षमता एवं निगरानी वाले अमेरिकी प्रीडेटर ड्रोन मिलेंगे। रक्षा मंत्रालय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका दौरे से पहले 31 एमक्यू-9बी प्रीडेटर ड्रोन खरीदने के सौदे को मंजूरी दे दी। पीएम के अमेरिकी दौरे से पहले यह सौदा काफी अहम माना जा रहा है। प्रीडेटर ड्रोन के सेना में शामिल होने से उसकी सीमा की निगरानी एवं अभियानगत क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी।

तीन अरब डॉलर में खरीदे जाएंगे 31 ड्रोन

अमेरिका के साथ यह सौदा तीन अरब डॉलर (करीब 240 अरब रुपए खर्च होंगे) में होगा। इस डील के तहत मिलने वाले 31 ड्रोन में से 15 नौसेना के पास जाएंगे। जाहिर है कि इससे हिंद महासागर में नौ सेना की निगरानी क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी। इनके जरिए हिंद महासागर के लंबे क्षेत्र पर नजर रखना नौसेना के लिए ज्यादा आसान हो जाएगा।

इसलिए खास हैं प्रीडेटर ड्रोन

मानवरहित ये ड्रोन दुश्मन के खिलाफ अभियान चलाने में काफी कारगर हैं। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के कबायली इलाकों में तालिबान एवं अन्य आतंकवादी संगठनों के खिलाफ अमेरिका एवं सीआईए ने इसी ड्रोन के जरिए कई अभियान सफलतापूर्वक चलाए। एमक्यू-9बी ड्रोन एक बार में 30 घंटे से अधिक समय तक उड़ान भर सकता है। साथ ही यह एक बार उड़ान भरने के बाद 1900 किलोमीटर क्षेत्र की निगरानी कर सकता है। जमीन, हवा और समुद्र तीनों जगह सैन्य ऑपरेशन को अंजाम दे सकता है।

अचूक निशाना लगाती हैं इनमें लगीं मिसाइलें

प्रीडेटर ड्रोन अत्यधिक ऊंचाई पर उड़ान भरने वाले ड्रोन हैं। इनमें अचूक मिसाइलें लगी होती हैं जो दुश्मन और उनके ठिकानों पर बेहद सटीकता के साथ हमला करती हैं। इनके जरिए सीमा एवं समुद्र की निगरानी भी आसान होती है। जनरल ऑटोमिक्स एरोनॉटिकल सिस्टम इस ड्रोन का निर्माण अमेरिकी वायु सेना के लिए करती है। प्रीडेटर ड्रोन 50,000 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकते हैं।

कई तरह के हथियार लग सकते हैं

अमेरिकी वायु सेना में इस ड्रोन को 2007 में शामिल किया गया। इनका रेंज 1,400 नॉटिकल माइल्स है। प्रीडेटर ड्रोन्स अपने साथ कई तरह के हथियार लेकर जा सकते हैं। इनमें लेजर गाइडेड मिसाइल, वायु से सतह पर मार करने वाली हेलफायर मिसाइल लगाई जा सकती है। इनमें अधिकतम 16 हेलफायर मिसाइलें लगाई जा सकती हैं। इजराइल और अमेरिका के अलावा किसी और के पास इतने बेहतरीन और एडवांस्ड ड्रोन नहीं हैं।

आलोक कुमार राव
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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