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Prayagraj: माफिया अतीक अहमद की बेनामी संपत्ति पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, राजमिस्त्री के नाम पर खरीदी गई 50 करोड़ की जमीन अब हुई सरकार की

Atiq Ahmed: प्रयागराज कमिश्नरेट पुलिस ने लगभग 11 महीने में कुर्की से लेकर जमीन को सरकारी बनाने की ऐतिहासिक कार्रवाई की है। दरअसल माफिया अतीक अहमद की करीब 50 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति अब राज्य सरकार की हो गई है।

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गैंगस्टर एक्ट में प्रयागराज पुलिस ने इस संपत्ति को कुर्क किया था।

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल
KEY HIGHLIGHTS
  • माफिया अतीक की हत्या के बाद उसका दबदबा भी अब छूमंतर हो रहा है।
  • माफिया अतीक अहमद की करीब 50 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति अब राज्य सरकार की हो गई है।
  • जिला न्यायालय की गैंगस्टर कोर्ट ने जमीन को राज्य सरकार में निहित करने का आदेश दिया।

Mafia Atiq Ahmed: ऑपरेशन माफिया के तहत चल रही कार्रवाई में कमिश्नरेट पुलिस प्रयागराज और राज्य सरकार ने बड़ी सफलता हासिल की है। माफिया अतीक अहमद की करीब 50 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति अब राज्य सरकार की हो गई है। माफिया अतीक अहमद की 50 करोड़ की बेनामी संपत्ति अब राज्य सरकार की हो गई है। गैंगस्टर एक्ट में प्रयागराज पुलिस ने इस संपत्ति को कुर्क किया था। कुर्की के बाद इस अचल संपत्ति के संबंध में आय के वैध स्रोतों से अर्जित करने के तीन माह में साक्ष्य मांगे गए थे, लेकिन विपक्षियों द्वारा कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया। कमिश्नर कोर्ट ने कुर्की के आदेश को 7 मार्च को न्यायिक परीक्षण के लिए पत्रावली गैंगस्टर कोर्ट भेजा था, इस पर गैंगस्टर कोर्ट ने कुर्की के आदेश को सही माना है। गैंगस्टर कोर्ट ने भी पुलिस कमिश्नर कोर्ट के निर्णय को पुष्ट करते हुए बेनामी संपत्ति को राज्य सरकार के पक्ष में निहित किए जाने का आदेश दिया है।

गैंगस्टर एक्ट के तहत अतीक पर थे कई केस

अतीक अहमद के खिलाफ 2020 में कैंट थाने में गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज हुआ था, इसी मुकदमे की विवेचना के दौरान विवेचन को माफिया अतीक की बेनामी संपत्ति के बारे में पता चला था। अतीक अहमद ने यह संपत्ति यमुनापार के लालापुर के अनुसूचित जाति के गरीब राजमिस्त्री हुब लाल के नाम पर खरीदी थी। कटहुला गौसपुर में 2.34 हेक्टेयर जमीन 2015 में हुबलाल के नाम पर रजिस्ट्री कराई गई थी, इस जमीन की सरकारी कीमत 12.42 करोड़ रुपए और बाजार कीमत 50 करोड रुपए है।

माफिया अतीक अहमद की अवैध और बेनामी संपत्तियों के खिलाफ जब कार्रवाई शुरू हुई तो हुबलाल खुद पुलिस के सामने आया था, उसने अपने नाम पर अतीक अहमद द्वारा जमीन खरीदने की जानकारी दी थी। उसने बताया था कि अतीक अहमद के खौफ के चलते वह रजिस्ट्री से इंकार नहीं कर सका था, लेकिन वह अब यह जमीन वापस करना चाहता है।

पुलिस ने इस जमीन को कुर्क करने के लिए 29 अगस्त 2023 को पुलिस कमिश्नर को रिपोर्ट भेजी थी, पुलिस की जांच में पता चला कि हुब लाल व उसकी पत्नी के बैंक खातों में अधिकतम 1.65 लाख और 97 हजार रुपए हैं। जांच के बाद संस्तुति सहित पुलिस कमिश्नर कोर्ट को रिपोर्ट पेश की गई, पुलिस कमिश्नर रमित शर्मा की कोर्ट ने 4 नवंबर 2023 कुर्क करने का आदेश दिया था। डीसीपी सिटी दीपक भूकर के मुताबिक 10 माह 17 दिन में कुर्क संपत्ति राज्य सरकार में निहित किए जाने का यह पहला मामला है, उनके मुताबिक मजबूत साक्ष्य और प्रभावी पैरवी से कुर्क संपत्ति राज्य सरकार में निहित हुई है। बता दें, प्रदेश में पुलिस कमिश्नरेट लागू होने के बाद से लगातार माफियाओं के खिलाफ एक्शन जारी है।

Shashank Shekhar Mishra
Shashank Shekhar Mishraauthor

शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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