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G20 Summit: प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक को किया संबोधित, कहा- काशी सदियों से ज्ञान-संस्कृति और अध्यात्म का केंद्र

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jun 12, 2023, 11:23 AM IST

G20 Summit: : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, जी20 विकास एजेंडा काशी तक भी पहुंच गया है। विकास, वैश्विक दक्षिण के लिए एक प्रमुख मुद्दा है। ऐसी परिस्थितियों में आप जो निर्णय लेते हैं उसका बहुत महत्व होता है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

Photo : ANI

G20 Summit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को वाराणसी में हो रही जी20 डेवलपमेंट मिलिस्टर्स मीटिंग को संबोधित किया। उन्होंने इस बैठक को वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा, काशी सदियों से ज्ञान, चर्चा, संस्कृति और अध्यात्म का केंद्र रही है। इसमें भारत की विविध विरासत का सार है और यह देश के सभी हिस्सों के लोगों के लिए रूपांतरण बिंदु के रूप में काम करता है।

उन्होंने कहा, मुझे खुशी है कि जी20 विकास एजेंडा काशी तक भी पहुंच गया है। विकास, वैश्विक दक्षिण के लिए एक प्रमुख मुद्दा है। वैश्विक दक्षिण के देश वैश्विक कोविड महामारी से उत्पन्न व्यवधान से गंभीर रूप से प्रभावित थे और भू-राजनीतिक तनाव के कारण खाद्य, ईंधन और उर्वरक संकट ने एक और झटका दिया है। ऐसी परिस्थितियों में आप जो निर्णय लेते हैं उसका बहुत महत्व होता है।

टेक्नोलॉजी का लोकतंत्रीकरण जरूरी

प्रधानमंत्री ने कहा, प्रौद्योगिकी का लोकतंत्रीकरण एक महत्वपूर्ण उपकरण है। भारत में भारत में, डिजिटलीकरण ने क्रांतिकारी परिवर्तन लाया है। भारत भागीदार देशों के साथ अपने अनुभव साझा करने को तैयार है। उन्होंने कहा, हमारे प्रयास व्यापक, समावेशी, निष्पक्ष और टिकाऊ होने चाहिए। भारत में हमने 100 से अधिक आकांक्षी जिलों में लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के प्रयास किए हैं जो अविकसित थे।

कोई पीछे न छूटे, यह सुनिश्चित करें

पीएम मोदी ने कहा, मेरा दृढ़ विश्वास है कि सतत विकास लक्ष्यों को पीछे नहीं आने देना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी पीछे न छूटे। इस समूह के लिए दुनिया को एक मजबूत संदेश देना अनिवार्य है कि इसे हासिल करने के लिए हमारे पास एक कार्य योजना है। पीएम मोदी ने इस दौरान महिला सशक्तिकरण और लैंगिक समानता को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, भारत सिर्फ महिला सशक्तिकरण तक ही सीमित नहीं है बल्कि महलाओं के नेतृत्व वाले विकास तक फैला हुआ है। उन्होंने कहा, हमारे प्रयास व्यापक, समावेशी, निष्पक्ष और टिकाऊ होने चाहिए।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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