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'गुरु ग्रंथ साहिब के सम्मान के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध', श्री गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी समागम के अवसर पर बोले PM मोदी

350वें शहीदी समागम के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिख समुदाय के सम्मान और न्याय के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने बताया कि 1984 दंगों की जांच के लिए SIT का गठन किया गया, मामलों को दोबारा खोला गया और कई दोषियों को सजा दिलाई गई। पीड़ित परिवारों के लिए अतिरिक्त मुआवजा घोषित किया गया और National Commission for Minorities को अधिक सक्रिय भूमिका दी गई।

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श्री गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी समागम के अवसर पर पीएम मोदी ने देशवासियों को किया संबोधित

Photo : ANI

श्री गुरु तेग बहादुर 'हिंद-दी-चादर' के 350वें शहीदी समागम के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "हमारी सरकार सिखों के सम्मान और न्याय को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। हमने 1984 के दंगों की जांच के लिए एक विशेष जांच समिति (एसआईटी) का गठन किया और 1984 के दंगों के मामलों को फिर से खोला गया। कई मामलों में दोषियों को सजा दी गई। 1984 के पीड़ितों के परिवारों के लिए अतिरिक्त मुआवजे की घोषणा की गई और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग को अधिक सक्रिय भूमिका दी गई।"

पीएम मोदी ने आगे कहा,"जब अफगानिस्तान में सिख भाइयों की सुरक्षा और गुरु ग्रंथ साहिब के सम्मान की बात आई, तो हमारी सरकार ने मिशन मोड में काम किया। हम गुरु ग्रंथ साहिब के अवशेषों को सुरक्षित और सम्मान के साथ वापस लाए। हमने अफगान सिखों और हिंदुओं के लिए नागरिकता का मार्ग प्रशस्त किया। हमने सीएए के माध्यम से सताए गए सिख शरणार्थियों को राहत प्रदान की। जम्मू और कश्मीर में सिख परिवारों के लिए पुनर्वास पैकेज भी लागू किए गए। इसी तरह, ओसीआई और वीजा नियमों को सरल बनाया गया। हजारों ब्लैकलिस्टेड सिखों को ब्लैकलिस्ट से हटाया गया। भारत यात्रा की प्रक्रिया को सरल बनाया गया।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "रिकॉर्ड समय में करतारपुर साहिब कॉरिडोर का निर्माण पूरा करना, श्री हेमकुंड साहिब तीर्थयात्रा के लिए नई सुविधाओं का निर्माण करना, सिख संगठनों और गुरुद्वारों से जुड़े कई संस्थानों को एफसीआरए के तहत राहत प्रदान करना, पाठ्यक्रम और सांस्कृतिक चर्चा में सिख इतिहास को शामिल करना और ऐसी कई अन्य परियोजनाएं जिनका हमारे सिख भाई-बहन दशकों से इंतजार कर रहे थे, उन्हें पूरा करने का हमें अवसर मिला।"

सिखों के नौवें गुरु थे गुरु तेग बहादुर साहिब

गुरु तेग बहादुर साहिब सिखों के नौवें गुरु थे। उनका पहला नाम त्याग मल था. सिख धार्मिक अध्ययन के सूत्रों में उनका उल्लेख 'संसार की चादर' के रूप में किया गया है. जबकि भारतीय परंपरा में उन्हें 'हिंद दी चादर' कहा जाता है।
Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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