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पीएम मोदी आज करेंगे राजस्थान और महाराष्ट्र का दौरा, जानें क्या है खास प्लान

पीएम मोदी आज यानी 25 अगस्त को महाराष्ट्र और राजस्थान का दौरा करेंगे। पोलैंड और यूक्रेन की यात्रा से लौटने के बाद पीएम मोदी का ये दौरा कई मायनों में अहम है। महाराष्ट्र में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं, हालांकि राजस्थान में वो लखपति दीदियों के साथ भी बातचीत करेंगे।

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नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री, भारत।

PM Modi Plan For Today: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी रविवार को महाराष्ट्र और राजस्थान का दौरा करेंगे। महाराष्ट्र में वह 11 लाख नई लखपति दीदियों को प्रमाणपत्र वितरित करेंगे जबकि राजस्थान में वह उच्च न्यायालय (High Court) की प्लेटिनम जुबली के समापन समारोह को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने शनिवार को एक बयान में यह जानकारी दी थी।

नई लखपति दीदियों को वितरित करेंगे प्रमाणपत्र

पीएमओ ने बताया था कि प्रधानमंत्री 25 अगस्त को सुबह करीब 11:15 बजे जलगांव में लखपति दीदी सम्मेलन में भाग लेंगे और इस दौरान राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के तीसरे कार्यकाल के दौरान हाल ही में लखपति बनीं 11 लाख नई लखपति दीदियों को प्रमाणपत्र वितरित करेंगे तथा उन्हें सम्मानित भी करेंगे।

5,000 करोड़ रुपये के बैंक लोन का करेंगे वितरण

प्रधानमंत्री देश भर से आने वाली लखपति दीदियों के साथ भी बातचीत करेंगे। इस दौरान, प्रधानमंत्री 2,500 करोड़ रुपये का एक ‘रिवॉल्विंग फंड’ जारी करेंगे जो 4.3 लाख स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के लगभग 48 लाख सदस्यों को लाभान्वित करेगा। पीएमओ ने कहा कि वह 5,000 करोड़ रुपये के बैंक ऋण का भी वितरण करेंगे जिससे 2.35 लाख एसएचजी के 25.8 लाख सदस्यों को लाभ होगा।

तीन करोड़ लखपति दीदी बनाने का रखा है लक्ष्य

इसने कहा, 'लखपति दीदी योजना शुरू होने के बाद से अब तक एक करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाया जा चुका है। सरकार ने तीन करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा है।' जलगांव से प्रधानमंत्री जोधपुर पहुंचेंगे और वहां करीब साढ़े चार बजे राजस्थान उच्च न्यायालय की प्लेटिनम जुबली के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री राजस्थान उच्च न्यायालय संग्रहालय का भी उद्घाटन करेंगे।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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