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जी-20 से पहले पीएम मोदी करेंगे इंडोनेशिया का दौरा, ASEAN-India Summit में करेंगे शिरकत

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Sep 5, 2023, 08:14 PM IST

ASEAN-India Summit 2023: पीएम मोदी 6 सितंबर को रात में इंडोनेशिया के लिए रवाना होंगे और अगले दिन देर शाम नई दिल्ली लौटेंगे। अधिकारियों ने कहा कि पीएम मोदी अपने व्यस्त कार्यक्रम के कारण दोनों शिखर सम्मेलनों से इतर कोई द्विपक्षीय बैठक नहीं करेंगे।

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पीएम मोदी

ASEAN-India Summit 2023: दिल्ली में होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडोनेशिया का दौरा करेंगे। वह 7 सितंबर को इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में होने वाले ASEAN-India Summit और 18वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री की यह यात्रा काफी छोटी होगी, समिट के तुरंत बाद पीएम मोदी भारत लौट आएंगे।

दरअसल, दिल्ली में 9 व 10 सितंबर को जी-20 समिट का आयोजन हो रहा है, ऐसे में पीएम मोदी इससे पहले भारत लौट आएंगे और जी-20 देशों के राष्ट्राध्यक्षों का स्वागत करेंगे। जी-20 समिट में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, ऑस्ट्रेलिया के एंथनी अल्बनीज और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल अल्बनीज व अन्य राष्ट्राध्यक्ष शिरकत करेंगे।

इंडोनेशिया के राष्ट्रपति के निमंत्रण पर जकार्ता पहुंचेंगे पीएम मोदी

इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विवोडो के निमंत्रण पर पीएम मोदी 20वें आसियान- भारत शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। बता दें, इंडोनेशिया जी20 ट्रोइका का हिस्सा है, पिछले साल जी20 समूह की अध्यक्षता इसी देश के पास थी। मामले से परिचित लोगों ने कहा कि गुरुवार को जकार्ता में होने वाले आसियान-भारत शिखर सम्मेलन में समुद्री सुरक्षा पर एक नई पहल होने की उम्मीद है।

6 सितंबर को रवाना होंगे पीएम मोदी

अधिकारियों ने बताया, पीएम मोदी 6 सितंबर को रात में इंडोनेशिया के लिए रवाना होंगे और अगले दिन देर शाम नई दिल्ली लौटेंगे। अधिकारियों ने कहा कि पीएम मोदी अपने व्यस्त कार्यक्रम के कारण दोनों शिखर सम्मेलनों से इतर कोई द्विपक्षीय बैठक नहीं करेंगे।

आसियान में ये देश हैं शामिल

आसियान के सदस्य देशों की संख्या 10 है। इसमें ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम हैं।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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