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Delhi में IECC का उद्घाटन: शंख जैसा आकार, 'भारत मंडपम' नाम, PM बोले- यह देश की जरूरत थी

Pragati Maidan : प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, प्रगति मैदान में इस परियोजना को लगभग 2,700 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया गया है। लगभग 123 एकड़ भूभाग में तैयार यह परिसर देश के सबसे बड़े बैठक, सम्‍मेलन और प्रदर्शनी केन्‍द्र के रूप में विकसित किया गया है।

Pragati Maidan: देश की राजधानी दिल्ली में बुधवार (26 जुलाई, 2023) शाम को प्रगति मैदान और आईटीपीओ परिसर में नए बनाए गए इंटरनेशनल एग्जिविशन कम कन्वेंशन सेंटर (IECC) का उद्घाटन हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ड्रोन के जरिए इस कॉम्पलेक्स (भारत मंडपम - नया नाम) का उद्घाटन किया। उन्होंने रिमोट कंट्रोलर से ड्रोन को उड़ाया था, जिस पर लाल रंग का एक कपड़ा था और उस पर भारत मंडपम लिखा हुआ था। वहां इस कपड़ के हवा में लहराते ही सब लोग तालियां बजाने लगे थे।

शंख जैसे आकार वाले भारत मंडपम के उद्घाटन के बाद मोदी ने कहा, "यह बहुत बड़ा मंच बनेगा और यह देश की जरूरत थी। यह पहले ही बन जाना चाहिए था। हालांकि, इसे रोकने की भी कई कोशिशें हुईं। अच्छे कामों को कुछ लोगों को रोकने की आदत होती है।"

यही वह इमारत है, जहां सितंबर 2023 में G-20 सम्मेलन का आयोजन होगा। करीब 123 एकड़ में फैले इस भव्य और अद्भुत परिसर के निर्माण में करीब 2,700 करोड़ रुपए की लागत आई है। वैसे, पीएम मोदी ने इससे पहले "पूजा" की थी और निर्माण में शामिल मजदूरों से बातचीत के बाद उन्हें सम्मानित किया था।

आयोजनों के लिए उपलब्‍ध स्‍थान के मामले में यह परिसर विश्‍व के शीर्ष प्रदर्शनी और सम्‍मेलन केंद्रों में से एक है। इसमें सम्‍मेलन केंद्र, प्रदर्शनी हॉल और एम्‍फीथियेटर सहित कई अत्‍याधुनिक सुविधाएं शामिल हैं।

7000 लोग बैठ सकेंगे

सम्‍मेलन केंद्र को प्रगति मैदान परिसर के केंद्रीय स्थल के रूप में विकसित किया गया है। इस परिसर में बहुउद्देश्‍यीय हॉल और प्‍लेनरी हॉल की संयुक्‍त क्षमता 7,000 लोगों की है, जो ऑस्‍ट्रेलिया के सिडनी ओपेरा हाउस से अधिक है। इसके शानदार एम्‍फीथियटर में 3,000 लोगों के बैठने की व्‍यवस्‍था है।

आधुनिक सुविधाओं से लैस है ये सेंटर

सुविधाओं एवं आधुनिक तकनीक के मामले में यह सेंटर जर्मनी के हैनोवर एग्जिविशन सेंटर और शंघाई के नेशनल एग्जिविशन एवं कन्वेंशन सेंटर से कहीं आगे है। इस सेंटर की डिजाइन भारतीय परंपराओं के अनुरूप किया गया है। यह इमारत भारतीय विरासत, परंपराओं एवं आधुनिकता का अद्भुत मिश्रण है। सेंटर की दीवारों पर देश के अलग-अलग भागों के आदिवासी पेंटिंग्स को उकेरा गया है।

भारतीय संस्कृति की झलक

इस सेंटर में सूर्य ऊर्जा की पहचान, सृष्टि की रचना के पांच मूल तत्व, शून्य से लेकर चंद्रयान तक का सफर और लोक कलाओं को कन्वेंशन सेंटर की छत से लेकर दीवारों तक में दर्शाया गया है। आईईसीसी को वैश्विक स्तर के बड़े सम्मेलनों, शिखर सम्मेलनों, बिजनेस समिट एवं सांस्कृतिक समारोहों के लिए एक बड़ा एवं उपयुक्त जगह माना जा रहा है।

आलोक कुमार राव
आलोक कुमार राव author

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारो... और देखें

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