PM Modi in SCO Summit: शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम स्वदेश लौटे। शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के अलावा उन्होंने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग एवं रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सहित विश्व के नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी की। एससीओ में शामिल होने से पहले पीएम मोदी ने जापान का भी दौरा किया था।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘चीन की सार्थक यात्रा का समापन हुआ, जहां मैंने एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लिया और विश्व के विभिन्न नेताओं के साथ बातचीत की। साथ ही प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर भारत के रुख पर भी जोर दिया।’’
भारत ने दिखाया कूटनीतिक ताकत
बता दें कि पूरी दुनिया की निगाह SCO समिट पर थी क्योंकि ट्रंप ने एकतरफा फैसला करते हुए भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया है। इसमें कोई दो राय नहीं है कि इस बैठक में पीएम मोदी, रूसी राष्ट्रपति पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की केमिस्ट्री देखकर अमेरिका हैरान रह गया है। दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रूसी तेल खरीदने पर भारत पर अलग से 25 प्रतिशत सेकेंडरी टैरिफ लगाया है। अमेरिका ने ट्रंप के फैसले पर आपत्ति जताई है।
रूस-यूक्रेन युद्ध पर पीएम मोदी ने की पुतिन से चर्चा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिसंबर में रूसी राष्ट्रपति पुतिन भारत आ सकते हैं। गौरतलब है कि पीएम मोदी ने पुतिन के साथ रूस-यूक्रेन यु्द्ध पर भी चर्चा की। उन्होंने पुतिन से कहा,"यूक्रेन संघर्ष के विषय मे हम लगातार चर्चा करते रहे है, हाल मे किये गये यूक्रेन मे शांति के प्रयासो का स्वागत करते हैं। हम आशा करते है, सभी पक्ष आगे बढेंगे, स्थायी सातिं स्थापित करने का रास्ता खोजना होगा। ये पूरी मानवता की पुकार है। आपका मैं ह्दय से धन्यवाद करता हूं।" बता दें कि द्विपक्षीय वार्ता के लिए पुतिन और पीएम मोदी एक ही कार में रवाना हुए थे।
शहबाज शरीफ के सामने PM मोदी ने किया पहलगाम हमले का जिक्र प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को शंघाई सहयोग संगठन के वार्षिक शिखर सम्मेलन में सोमवार को कहा कि पहलगाम में हुआ भयावह आतंकवादी हमला न केवल भारत की अंतरात्मा पर आघात है, बल्कि यह मानवता में विश्वास रखने वाले प्रत्येक राष्ट्र के लिए एक खुली चुनौती भी है। उन्होंने आतंकवाद से निपटने में दोहरे मापदंड त्यागने की जोरदार वकालत की। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग और वैश्विक नेताओं की उपस्थिति में मोदी ने वार्षिक शंघाई सहयोग संगठन को संबोधित करते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई ‘‘मानवता के प्रति हमारा कर्तव्य है’’।
प्रधानमंत्री ने समूह के प्रति भारत के दृष्टिकोण और नीति पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए शंघाई सहयोग संगठन के संक्षित नाम ‘एससीओ’ का नया अर्थ प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया, ‘‘एससीओ के ‘एस’ का अर्थ है ‘सिक्योरिटी’ यानी सुरक्षा, ‘सी’ का अर्थ है ‘कनेक्टिविटी’ यानी संपर्क और ‘ओ’ का अर्थ है ‘ऑपचुनिटी’ यानी अवसर।’’ इसके बाद मोदी ने भारत रवाना होने से पहले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से द्विपक्षीय वार्ता की और उनसे कहा कि यूक्रेन संघर्ष को यथाशीघ्र समाप्त करना मानवता का आह्वान है।
पीएम मोदी ने शी जिनपिंग से क्या की बात?
प्रधानमंत्री मोदी और रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने आर्थिक, वित्तीय और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग पर भी विचार-विमर्श किया तथा इन क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों के निरंतर आगे बढ़ने पर संतोष व्यक्त किया।
मोदी ने रविवार को शिखर सम्मेलन से इतर शी जिनपिंग के साथ भी बातचीत की। दोनों नेताओं ने वैश्विक वाणिज्य को स्थिर करने के लिए व्यापार एवं निवेश संबंधों को बढ़ाने का संकल्प लिया और चुनौतियों से निपटने के लिए द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने पर सहमति व्यक्त की। वे सीमा संबंधी गंभीर मुद्दे के ‘‘निष्पक्ष’’ समाधान की दिशा में काम करने पर भी सहमत हुए।
मोदी की शी एवं पुतिन के साथ बैठक ऐसे समय में हुईं जब भारत एवं अमेरिका के संबंध पिछले दो दशक के संभवतः सबसे खराब दौर से गुजर रहे हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शुल्क नीति और उनके प्रशासन द्वारा भारत की लगातार आलोचना किए जाने के कारण संबंधों में तनाव बढ़ गया है।
