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'पसमांदा मुस्लिम, महिलाओं को हक देगा नया वक्फ कानून', एक्ट पर पहली बार बोले PM मोदी

PM Modi on New new Waqf law : प्रधानमंत्री ने कहा कि 2013 में कांग्रेस नीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार द्वारा लागू किये गये वक्फ अधिनियम से यह भ्रम पैदा हुआ कि यह कानून संविधान से ऊपर है। मोदी ने कहा, ‘2013 में वक्फ कानून में संशोधन मुस्लिम कट्टरपंथियों और भू-माफियाओं को खुश करने का प्रयास था। इस कानून ने यह भ्रम पैदा किया कि यह संविधान से ऊपर है।

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कांग्रेस ने हमेशा तुष्टिकरण की राजनीति की।

PM Modi on New new Waqf law : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक का पारित होना सामाजिक न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। दिल्ली में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस नए वक्फ कानून से गरीब पसमांदा मुस्लिमों, महिलाओं और बच्चों के अधिकार सुरक्षित हुए हैं। पीएम ने कहा कि 'तुष्टिकरण की राजनीति नई बात नहीं है। इसके बीच आजादी के दौरान ही बो दिए गए। द्वि-राष्ट्र का सिद्धांत आम मुस्लिम व्यक्ति का फैसला नहीं था। तुष्टिकरण की राजनीति करते हुए कांग्रेस सत्ता में आई। कुछ कट्टरपंथी नेताओं को संपत्ति मिल गई लेकिन सवाल है कि आम मुस्लिम नागरिकों को क्या मिला?'

कांग्रेस ने अलग राष्ट्र के विचार को खत्म नहीं किया-पीएम

मोदी ने कहा, ‘लेकिन, महत्वपूर्ण सवाल यह है कि आम मुसलमानों को क्या लाभ मिला? गरीब पसमांदा मुसलमानों को क्या मिला? उन्हें केवल उपेक्षा का सामना करना पड़ा। उन्हें शिक्षा नहीं मिली, उन्हें बेरोजगारी का सामना करना पड़ा और मुस्लिम महिलाओं को शाहबानो की तरह अन्याय का सामना करना पड़ा, जहां उनके संवैधानिक अधिकारों को कट्टरपंथ की वेदी पर बलि चढ़ा दिया गया।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि 1947 में देश के विभाजन के पीछे भी इसी तरह का रवैया था, जब कांग्रेस नेताओं ने अलग राष्ट्र के विचार को खत्म नहीं किया, जिसे आम मुसलमानों ने नहीं बल्कि ‘कुछ कट्टरपंथियों’ने बढ़ावा दिया था।

'भ्रम पैदा हुआ कि यह कानून संविधान से ऊपर है'

प्रधानमंत्री ने कहा कि 2013 में कांग्रेस नीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार द्वारा लागू किये गये वक्फ अधिनियम से यह भ्रम पैदा हुआ कि यह कानून संविधान से ऊपर है। मोदी ने कहा, ‘2013 में वक्फ कानून में संशोधन मुस्लिम कट्टरपंथियों और भू-माफियाओं को खुश करने का प्रयास था। इस कानून ने यह भ्रम पैदा किया कि यह संविधान से ऊपर है। संविधान में निर्धारित न्याय का मार्ग वक्फ कानून द्वारा सीमित कर दिया गया।’ उन्होंने कहा, ‘इस कानून से भू-माफिया और कट्टरपंथियों को बढ़ावा मिला। केरल में ईसाइयों की जमीन पर वक्फ का दावा है, हरियाणा में गुरुद्वारों की जमीन पर विवाद है और कर्नाटक में किसानों की जमीन पर दावे हैं।’

मैं संसद को शानदार अधिनियम बनाने के लिए बधाई देता हूं-PM

प्रधानमंत्री ने कहा कि न्याय दिलाने वाला कानून भय का कारण बन गया। उन्होंने कहा कि संशोधित वक्फ अधिनियम समाज और मुस्लिम समुदाय के हित में है। मोदी ने कहा, ‘मैं संसद को एक शानदार अधिनियम बनाने के लिए बधाई देता हूं। अब वक्फ की पवित्र मंशा कायम रहेगी और गरीब पसमांदा मुसलमानों, महिलाओं और बच्चों के अधिकारों की भी रक्षा होगी।’ प्रधानमंत्री ने संसद को इस शानदार कानून को पारित करने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि संसदीय इतिहास में दूसरी सबसे लंबी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘दोनों सदनों में विधेयक पर 16 घंटे चर्चा हुई, इसके साथ ही संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की 38 बैठकें हुईं, कुल 128 घंटे विचार-विमर्श हुआ। देश भर के नागरिकों से लगभग एक करोड़ सुझाव प्राप्त हुए। यह इस बात को रेखांकित करता है कि लोकतंत्र संसद की दीवारों तक सीमित नहीं है, इसे सक्रिय जनभागीदारी के माध्यम से समृद्ध और मजबूत किया जा रहा है।’

'भारत न तो झुकने वाला है और न ही रुकने वाला है'

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने इस वर्ष के पहले 100 दिनों में अपनी नीतियों के साथ संभावनाओं के नये द्वार खोले हैं, उन्होंने कहा कि भारत न तो झुकने वाला है और न ही रुकने वाला है। अंतरिक्ष और परमाणु क्षेत्र में निजी कंपनियों को अनुमति देने के फैसले का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘हमने अपनी नीतियों के माध्यम से नयी संभावनाओं के द्वारा खोले हैं।’ उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत ने तेज गति से विकास किया है और महज एक दशक में अपनी अर्थव्यवस्था का आकार दोगुना कर लिया है। मोदी ने कहा, ‘जो लोग सोचते थे कि भारत धीमी गति से चलेगा, वे ‘तेज गति से चलने वाला और निडर’ भारत देख रहे हैं।’

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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