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‘जनसेवा के 25 वर्ष’: पीएम मोदी ने साझा किया संघर्ष, संकल्प और सफलता का सफर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को अपने राजनीतिक जीवन की एक ऐतिहासिक उपलब्धि साझा की। उन्होंने बताया कि इसी दिन, अक्टूबर 2001 में, उन्होंने पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने देशवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता के आशीर्वाद और विश्वास से वे अब सरकार के प्रमुख के रूप में अपने 25वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं।

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प्रधानमंत्री मोदी ने सार्वजनिक सेवा के 25 वर्ष पूरे होने पर साझा की अपनी यात्रा (फोटो- @narendramodi)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को एक ऐतिहासिक उपलब्धि शेयर की। उन्होंने बताया कि आज ही के दिन अक्टूबर 2001 को उन्होंने पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। इस अवसर पर उन्होंने देशवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता के आशीर्वाद और विश्वास से वे अब सरकार के प्रमुख के रूप में 25वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने आधिकारिक 'एक्स' हैंडल पर एक श्रृंखला में अपने अब तक के सफर, संघर्षों और उपलब्धियों को याद किया। पीएम मोदी ने 'एक्स' पोस्ट के जरिए बताया कि जब उन्हें गुजरात का मुख्यमंत्री नियुक्त किया गया, तब राज्य भीषण भूकंप, चक्रवात, सूखा और राजनीतिक अस्थिरता जैसे संकटों से जूझ रहा था। उन्होंने लिखा, "मेरी पार्टी ने बेहद चुनौतीपूर्ण समय में मुझ पर भरोसा जताया। इन आपदाओं ने मेरी लोगों की सेवा करने की प्रतिबद्धता को और मजबूत किया।"

पीएम मोदी ने अपनी मां की बात को याद किया। उन्होंने लिखा, "जब मैंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, तब मेरी मां ने मुझसे दो बातें कही थीं। गरीबों के लिए काम करना और कभी रिश्वत न लेना। मैंने भी जनता से वादा किया कि मैं जो भी करूंगा, वह सद्भावना और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति की सेवा की भावना से प्रेरित होगा।"

प्रधानमंत्री ने बताया कि 2001 में जब उन्होंने सीएम पद संभाला था, तब गुजरात को लेकर आम धारणा थी कि राज्य अब उभर नहीं पाएगा। किसान बिजली और पानी की कमी से जूझ रहे थे, उद्योग ठप थे और कृषि संकट में थी। लेकिन सबके सामूहिक प्रयासों से गुजरात आज सुशासन का प्रतीक बन चुका है।

उन्होंने 'एक्स' पोस्ट में लिखा, "सूखा प्रभावित राज्य होने के बावजूद गुजरात को कृषि के क्षेत्र में अग्रणी बनाया। व्यापारिक संस्कृति को औद्योगिक और विनिर्माण शक्ति में बदला गया। सामाजिक और भौतिक अवसंरचना को मजबूती दी गई।"

पीएम मोदी ने बताया कि वर्ष 2013 में उन्हें प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया गया। उस समय देश में भ्रष्टाचार, नीतिगत जड़ता और भरोसे के संकट का माहौल था। उन्होंने लिखा, "यूपीए सरकार उस दौर में भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद की मिसाल बन चुकी थी। भारत को वैश्विक मंच पर कमजोर कड़ी माना जा रहा था। लेकिन देश की जनता ने हमारे गठबंधन को पूर्ण बहुमत दिया और तीन दशक बाद किसी पार्टी को स्पष्ट जनादेश मिला।"

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बीते 11 वर्षों में देश ने कई ऐतिहासिक बदलाव देखे हैं। उन्होंने विशेष रूप से नारी शक्ति, युवा शक्ति और अन्नदाता किसानों की भूमिका को सराहा। उन्होंने लिखा, "25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है। भारत अब वैश्विक अर्थव्यवस्था में चमकता सितारा है। हमारे पास दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा योजनाएं हैं।" उन्होंने 'गर्व से कहो, ये स्वदेशी है' के नारे के साथ आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी दोहराया।

अपने संदेश के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, "देश की सेवा करना मेरे लिए सबसे बड़ा सम्मान है। यह जिम्मेदारी मुझे कृतज्ञता और उद्देश्य की भावना से भर देती है। संविधान के मूल्यों को मार्गदर्शक मानते हुए मैं 'विकसित भारत' के सपने को साकार करने के लिए और अधिक मेहनत करूंगा।"

IANS की रिपोर्ट

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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