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पाँच देशों की यात्रा के अंतिम पड़ाव नामीबिया की यात्रा समाप्त कर PM Modi पहुंचे स्वदेश

नामीबिया गणराज्य की संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अफ्रीका को केवल कच्चे माल का स्रोत नहीं बनना चाहिए, बल्कि उसे 'मूल्य सृजन और सतत विकास में अग्रणी' बनना चाहिए।

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (फोटो: ANI)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को नामीबिया की अपनी यात्रा समाप्त करने के बाद स्वदेश पहुंच गए हैं। इस दौरान उन्होंने नामीबियाई संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया, नामीबिया उनकी पाँच देशों की यात्रा का अंतिम पड़ाव था। इससे पहले विदेश मंत्रालय ने X पर एक पोस्ट में कहा, 'घाना, त्रिनिदाद और टोबैगो, अर्जेंटीना, ब्राज़ील और नामीबिया की अत्यंत उत्पादक और सफल पाँच देशों की यात्रा समाप्त हुई।' प्रधानमंत्री मोदी नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं।

इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने नामीबिया के राष्ट्रपति नेटुम्बो नंदी-नदैतवाह के साथ द्विपक्षीय संबंधों को नई गति प्रदान करने पर केंद्रित बातचीत की। दोनों नेताओं के बीच बातचीत के बाद, भारत और नामीबिया ने नामीबिया में एक उद्यमिता विकास केंद्र स्थापित करने और स्वास्थ्य एवं चिकित्सा के क्षेत्र में सहयोग पर एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए।

नामीबिया भारत समर्थित CDRI (Coalition for Disaster Resilient Infrastructure) और वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन में भी शामिल हो गया है।

प्रधानमंत्री मोदी को नामीबिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा गया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बुधवार को नामीबिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ द मोस्ट एनशिएंट वेल्वित्चिया मिराबिलिस’ से नवाजा गया।यह सम्मान नामीबिया की राष्ट्रपति नेटुम्बो नेंडी-नदैतवा द्वारा प्रदान किया गया।नामीबिया में पाए जाने वाले अनोखे और प्राचीन रेगिस्तानी पौधे वेल्वित्चिया मिराबिलिस के नाम पर रखा गया यह सम्मान नामीबियाई लोगों के जुझारुपन, दीर्घायु और स्थायी भावना का प्रतीक है।

'यह नामीबिया के संघर्ष, साहस और संस्कृति का प्रतीक'

प्रधानमंत्री मोदी ने सम्मान से नवाजे जाने के बाद अपने संबोधन में कहा, 'नामीबिया का वेल्वित्चिया, जिसके नाम पर यह पुरस्कार रखा गया है, कोई साधारण पौधा नहीं है। यह परिवार के किसी बुजुर्ग सदस्य की तरह है, जिसने समय को गुजरते देखा है। यह नामीबिया के संघर्ष, साहस और संस्कृति का प्रतीक है।' उन्होंने कहा, 'यह भारत और नामीबिया के बीच अटूट मित्रता का साक्षी है। मुझे इससे जुड़कर गर्व महसूस हो रहा है। मैं यह सम्मान साथ-साथ प्रगति कर रहे भारत और नामीबिया के लोगों तथा दोनों देशों की मित्रता को समर्पित करता हूं।'

'भारत और नामीबिया अपनी आजादी के समय से ही एक-दूसरे के साथ खड़े हैं'

उन्होंने कहा कि भारत और नामीबिया अपनी आजादी के समय से ही एक-दूसरे के साथ खड़े हैं।मोदी ने कहा, 'हमारी दोस्ती समय की कसौटी पर खरी उतरी है और साझा मूल्यों और बेहतर भविष्य के सपनों से जुड़ी हुई है। आने वाले समय में भी हम मिलकर काम करते रहेंगे और विकास के पथ पर साथ-साथ चलते रहेंगे।' यह पुरस्कार 1990 में नामीबिया को स्वतंत्रता मिलने के कुछ साल बाद 1995 में शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य विशिष्ट सेवा और नेतृत्व को मान्यता देना है।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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