Trump New Tarrif : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप देशों पर नए टैरिफ की घोषणाएं कर रहे हैं। सात जुलाई की समय सीमा खत्म होने के बाद कई देशों के ऊपर उन्होंने टैरिफ की दर काफी ज्यादा कर दी है। बुधवार को उन्होंने ब्राजील पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया। इसके अलावा अल्जीरिया, ब्रुनेई, ईराक, लीबिया, मोलदोवा, फिलिपींस और श्रीलंका पर उन्होंने टैरिफ लगाया है। अल्जीरिया, इराक, लीबिया और श्रीलंका पर 30 प्रतिशत, ब्रुनेई और मालदोवा पर 25 फीसद और फिलिपींस पर 20 प्रतिशत टैरिफ लगा है। टैरिफ की यह नई दर ब्राजील सहित इन सभी देशों पर एक अगस्त से लागू होगी।
अमेरिका का बड़ा औद्योगिक प्रतिद्वंद्वी नहीं
जिन देशों के लिए शुल्क पत्र भेजे गये हैं उनमें से कोई भी अमेरिका का बड़ा औद्योगिक प्रतिद्वंद्वी नहीं है। ये देश फिलीपीन, ब्रुनेई, मॉल्डोवा, अल्जीरिया, लीबिया, इराक और श्रीलंका हैं। यह इस बात का संकेत है कि खुले तौर पर ‘शुल्क’ (टैरिफ) शब्द के प्रति अपने लगाव का इजहार करने वाले एक राष्ट्रपति अब भी इस विचार से मोहित हैं कि व्यापार पर कर लगाने से अमेरिका में समृद्धि आएगी।
आर्थिक विकास में कमी आएगी-एक्सपर्ट
अधिकतर आर्थिक विश्लेषणों में कहा गया है कि शुल्क से मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ेगा और आर्थिक विकास में कमी आएगी, लेकिन ट्रंप ने करों का उपयोग प्रतिद्वंद्वियों और सहयोगियों दोनों पर अमेरिका की कूटनीतिक और वित्तीय शक्ति का प्रदर्शन करने के लिए किया है। उनका प्रशासन वादा कर रहा है कि आयात पर कर लगाने से व्यापार असंतुलन कम होगा, शुक्रवार को उनके द्वारा हस्ताक्षरित कानून से कर कटौती लागत में से कुछ की भरपाई होगी तथा अमेरिका में कारखानों में नौकरियों की वापसी होगी।
पत्र से सीमा शुल्क बढ़ाने की सूचना दी गई
ट्रंप ने बुधवार को छह अन्य व्यापारिक साझेदार देशों को शुल्क पत्र भेजे। इसके पहले मंगलवार को भी 14 साझेदारों को इस तरह के पत्र भेजकर सीमा शुल्क बढ़ाने की सूचना दी गई थी। इन पत्रों में सभी देशों के उत्पादों पर अमेरिका एक अगस्त से अमेरिकी बाजारों में प्रवेश करने वाले शुल्क का विवरण दिया गया है। इन देशों में बांग्लादेश, इंडोनेशिया, जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, थाईलैंड, दक्षिण अफ्रीका, बोस्निया एवं हर्जेगोविना, कंबोडिया, कजाकिस्तान, लाओस, सर्बिया और ट्यूनीशिया शामिल हैं।
ट्रंप ने दो अप्रैल को भारतीय वस्तुओं पर अतिरिक्त 26 प्रतिशत सीमा शुल्क लगाया था लेकिन बाद में इसे 90 दिनों के लिए यानी नौ जुलाई तक के लिए स्थगित कर दिया। अब इसे एक अगस्त तक के लिए टाल दिया गया है। हालांकि, अमेरिका द्वारा लगाया गया 10 प्रतिशत मूल शुल्क लागू रहेगा।
