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PM Modi Poland Visit: आपसी रिश्तों में आएगी और गर्माहट, जानिए 45 साल बाद क्यों खास है पीएम मोदी का पोलैंड दौरा

PM Modi Poland Visit: भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर 28-29 अगस्त 2019 को पोलैंड की यात्रा पर गए थे। मध्य यूरोप में पोलैंड भारत का प्रमुख आर्थिक सहयोगी है। दोनों देशों के बीच व्यापार संतुलित है। साल 2023-24 में दोनों देशों के बीच व्यापार 5.72 अरब डॉलर का हुआ। भारत ने 3.96 अरब डॉलर का निर्यात और 1.76 अरब डॉलर का आयात किया।

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45 बाद किसी भारतीय पीएम की पोलैंड की यात्रा हो रही है।

KEY HIGHLIGHTS
  • 45 साल बाद किसी भारतीय पीएम की पोलैंड की यात्रा हो रही है
  • मध्य यूरोप में भारत का करीबी सहयोगी देश है पोलैंड
  • भारत की कई नामी-गिरामी कंपनियां यहां काम करती हैं

PM Modi Poland Visit News Updates: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी दो दिन की आधिकारिक यात्रा पर बुधवार को यूरोप के देश पोलैंड पहुंचेंगे। 45 साल के बाद किसी भारतीय पीएम की इस देश की यात्रा हो रही है। दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों के 70 साल पूरे होने पर पीएम मोदी की यह यात्रा खास है। विगत दशकों में भारत और पोलैंड के बीच संबंध मधुर रहे हैं। व्यापार से लेकर आपसी सहयोग के कई क्षेत्रों में भारत और पोलैंड एक दूसरे का सहयोग करते रहे हैं। पीएम मोदी की यह यात्रा आपसी रिश्ते को अब एक नई ऊंचाई पर ले जाने का काम करेगी।

1954 में स्थापित हुए राजनयिक संबंध

भारत और पोलैंड के बीच राजनयिक संबंध 1954 में स्थापित हुए। इसके बाद 1957 में वॉरशा में भारतीय दूतावास और 1954 में दिल्ली में पोलैंड दूतावास खुला। द्वितीय विश्वयुद्ध (1942 से 1948) के बीच पोलैंड से करीब 6000 लोग भारत आए और जामनगर और कोल्हापुर में शरण ली। नवानगर के जामसाहेब दिग्विजयसिंह जी रणजीतसिंहजी जडेजा ने अपने राज्य में पोलैंड के बच्चों को शरण दी। इस समय से ही भारत के साथ पोलैंड का एक खास रिश्ता है। मध्य यूरोप में पोलैंड भारत का एक प्रमुख आर्थिक सहयोगी देश है।

पोलैंड की यात्रा पर जा चुके हैं ये नेता

भारत की आजादी के बाद से पोलैंड की यात्रा पर अब तक कई उच्च स्तरीय शिष्टमंडल और नेता जा चुके हैं। 1970 में राष्ट्रपति वीवी गिरि, 1986 में ज्ञानी जैल सिंह, 1996 में शंकर दयाल शर्मा, 1955 में पंडित जवाहर लाल नेहरू, 1967 में इंदिरा गांधी और 1979 में मोरारजी देसाई ने इस देश की यात्रा की। उप राष्ट्रपति ने 2017 में इस देश की यात्रा की। तो वहीं पोलैंड की तरफ से राष्ट्रपति लेच वालेसा (1994, 1998), अलेक्जेंडर कवास्नेवस्की (1998), पीएम साइरनकेविज (1957), जारोजेविस्ज (1973) और पीएम लेजेक मिलल 2003 में भारत आए।

मध्य यूरोप का सहयोगी देश है पोलैंड

भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर 28-29 अगस्त 2019 को पोलैंड की यात्रा पर गए थे। मध्य यूरोप में पोलैंड भारत का प्रमुख आर्थिक सहयोगी है। दोनों देशों के बीच व्यापार संतुलित है। साल 2023-24 में दोनों देशों के बीच व्यापार 5.72 अरब डॉलर का हुआ। भारत ने 3.96 अरब डॉलर का निर्यात और 1.76 अरब डॉलर का आयात किया। पोलैंड में भारत ने करीब तीन अरब डॉलर का निवेश किया है जबकि भारत में पोलैंड का निवेश करीब 68 करोड़ डॉलर है। आर्सेलर मित्तल, वीडियोकॉन, एस्कॉर्ट्स, रैनबैक्सी, टाटा कंसलटेंसी एचसीएल टेक्नॉलजी लिमिटेड, इन्फोसिस, विप्रो, जिंदल स्टेनलेस, बर्जर पैंट सहित कई भारतीय कंपनियां पोलैंड में काम कर रही हैं। पोलैंड को भारत चाय, कॉफी, मसाले, तिलहन, अनाज, समुद्री भोजन और सब्जियां निर्यात करता है।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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