BRICS Business Forum: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी स्थित भारत मंडपम में आयोजित ब्रिक्स बिजनेस फोरम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों की संयुक्त जीडीपी लगभग साढ़े चार गुना बढ़ी है। ब्रिक्स की आर्थिक स्ट्रेंथ दुनिया की तुलना में करीब दोगुनी रफ्तार से बढ़ी है। ब्रिक्स देश ग्लोबल इनोवेशन और सॉल्यूशन के लिए अहम सेंटर्स भी बन रहे हैं।
21 देशों वाला ब्रिक्स परिवार
पीएम मोदी ने कहा कि ब्रिक्स बिजनेस फोरम में आप सभी का हार्दिक स्वागत है। इस वर्ष हम ब्रिक्स के 20 साल मना रहे हैं। 2006 में जब इस समूह की शुरुआत हुई थी तो इसमें केवल चार देश थे। आज ब्रिक्स और ब्रिक्स पार्टनर्स मिलाकर 21 देशों का हमारा परिवार है।
उन्होंने कहा कि आज ब्रिक्स के देश, दुनिया की 50 फीसदी आबादी, 40 फीसदी जीडीपी और 25 फीसदी से अधिक ट्रेड को रिप्रेजेंट करते हैं। इतना ही नहीं, इन वर्षों में जहां ग्लोबल जीडीपी करीब 1.5 गुना हुई है, वहीं ब्रिक्स देशों की संयुक्त जीडीपी लगभग 4.5 गुना हुई है। यानी ब्रिक्स की इकोनॉमिक स्ट्रैंथ दुनिया की तुलना में करीब दो गुने रफ्तार से बढ़ी है।
पीएम मोदी ने कहा कि ब्रिक्स देश ग्लोबल इनोवेशन और सॉल्यूशन के अहम सेंटर्स बन रहे हैं। ग्रासरूट से लेकर फ्रंटियर टेक्नोलॉजी तक हमारे देशों में इनोवेशन की नई संभावनाएं आकार ले रही हैं। ब्रिक्स की बढ़ती स्केल, स्पीड और ऑप्टिमिज्म हमारे बीच साफ दिखाई दे रही है। भारत में आयोजित ये फोरम अब तक का सबसे बड़ा ब्रिक्स बिजनेस फोरम है।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: PM मोदी संग पुतिन ने देखी इनोप्रॉम प्रदर्शनी, प्रधानमंत्री की कार में सवार होकर पहुंचे रूसी राष्ट्रपति
उन्होंने कहा, ''भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता की थीम है, Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability। पिछले 12 वर्षों में भारत ने इस मंत्र को अपनी इकोनॉमिक और ट्रेड पॉलिसिज का आधार बनाया है। लचीलापन की बात करें तो भारत ने एनर्जी से लेकर टेक्नोलॉजी तक सप्लाई चेन को और अधिक डायवर्सिफाइड और रिलायबल बनाया है। इसी का परिणाम है, वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी, भारत आज ग्रोथ और स्टेबिलिटी का भरोसा दे रहा है।''
40 देशों के साथ भारत ने किया FTA
पीएम मोदी ने कहा कि आज जब दुनिया में ट्रेड बैरियर बढ़ रहे हैं तो भारत इकोनॉमिक ब्रिज बना रहा है। 2014 के बाद से हमने दुनिया के करीब 40 देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किए हैं। ब्रिक्स में भी हमारी एप्रोच बैरियर को कम करना है और बिजनेस के लिए अवसर को बढ़ाना है। इसलिए हमारी अध्यक्षता में हमने एग्रीकल्चर, हेल्थ, स्किल और स्मार्ट ग्रिड जैसे क्षेत्रों में नए कोऑपरेशन का गठन किया है।
