भारत की अध्यक्षता में आयोजित BRICS Business Forum 2026 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS देशों के नेताओं, बिजनेस काउंसिल के चेयर्स और BRICS Women’s Business Alliance के प्रतिनिधियों के साथ 'फैमिली' फोटो खिंचवाई। राजधानी दिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम में कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों, मंत्रियों और प्रमुख कारोबारी प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
फैमिली फोटो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा नजर आए। इसके अलावा भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा समेत कई अन्य वरिष्ठ नेता और प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
क्या है BRICS Business Forum?
BRICS Business Forum इस समूह का प्रमुख निजी क्षेत्र का मंच है। इसका आयोजन हर साल उस देश में किया जाता है, जो BRICS Summit की मेजबानी कर रहा होता है। आमतौर पर यह नेताओं के शिखर सम्मेलन से पहले आयोजित होता है।
फोरम में BRICS देशों के कारोबारी नेता, मंत्री और राष्ट्राध्यक्ष एक साथ आते हैं। यहां व्यापार, निवेश, वित्त, टेक्नोलॉजी और विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाती है। इन चर्चाओं का उद्देश्य BRICS देशों के बीच आर्थिक सहयोग को बढ़ाना और कारोबारी संबंधों को मजबूत करना है।
BRICS के आर्थिक एजेंडे को दिशा देता है फोरम
Business Forum सिर्फ चर्चा का मंच नहीं है, बल्कि यह BRICS के आर्थिक एजेंडे को दिशा देने में भी अहम भूमिका निभाता है। फोरम में BRICS Business Council की ओर से प्रमुख सुझाव और विचार पेश किए जाते हैं, जिन पर नेताओं और मंत्रियों के स्तर पर चर्चा होती है।
फोरम की सिफारिशें और Business Council के सुझाव अक्सर BRICS Summit की घोषणाओं और आगे की कार्ययोजनाओं में दिखाई देते हैं। इनमें BRICS देशों के बीच व्यापार, निवेश, डिजिटल इकोनॉमी, MSMEs, मानकों पर सहयोग और ग्लोबल वैल्यू चेन में बेहतर भागीदारी जैसे मुद्दे शामिल हैं।
भारत की अध्यक्षता में हो रहा 18वां BRICS Summit
भारत इस साल 18वें BRICS Summit की मेजबानी कर रहा है। भारत की 2026 BRICS Chairship का मुख्य विषय “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” रखा गया है। इसके तहत विकास, स्थिरता और इनोवेशन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
भारत की अध्यक्षता ऐसे समय में हो रही है, जब दुनिया को आर्थिक अस्थिरता, तेजी से बदलती टेक्नोलॉजी, भू-राजनीतिक तनाव, जलवायु परिवर्तन और संसाधनों से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में भारत का जोर BRICS देशों के बीच सहयोग को मजबूत करने और ठोस परिणाम हासिल करने पर है।
11 देशों का समूह है BRICS
BRICS अब पहले के मुकाबले काफी बड़ा समूह बन चुका है। वर्तमान में इसमें 11 देश-ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) शामिल हैं।
BRICS को प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग और समन्वय के महत्वपूर्ण मंच के तौर पर देखा जाता है। यह समूह खासतौर पर ग्लोबल साउथ के हितों को अंतरराष्ट्रीय संस्थानों और बहुपक्षीय मंचों पर आगे बढ़ाने पर जोर देता है।
दुनिया की करीब आधी आबादी का प्रतिनिधित्व
भारत की 2026 BRICS अध्यक्षता से जुड़ी पृष्ठभूमि जानकारी के अनुसार, BRICS के सदस्य देश मिलकर दुनिया की करीब 49.5 फीसदी आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं। समूह की हिस्सेदारी वैश्विक GDP में करीब 40 फीसदी और वैश्विक व्यापार में लगभग 26 फीसदी बताई गई है। इस वजह से BRICS Business Forum जैसे मंचों पर होने वाली चर्चाओं का असर सिर्फ सदस्य देशों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वैश्विक व्यापार, निवेश और आर्थिक नीतियों पर भी इसका महत्व बढ़ जाता है।
भारत के लिए Business Forum क्यों अहम?
भारत की BRICS अध्यक्षता का उद्देश्य समूह के बढ़े हुए प्रतिनिधित्व को व्यावहारिक सहयोग और ठोस नतीजों में बदलना है। अलग-अलग आर्थिक हितों और नीतियों वाले सदस्य देशों के बीच सहमति बनाना भी भारत के सामने एक महत्वपूर्ण चुनौती है।
ऐसे में Business Forum कारोबारियों, सरकारों और नीति-निर्माताओं को एक साथ लाने का काम करता है। व्यापार, निवेश, वित्त, टेक्नोलॉजी और विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए यहां होने वाली चर्चाएं भारत की BRICS Chairship के एजेंडे का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
कुल मिलाकर, BRICS Business Forum 2026 भारत की अध्यक्षता में समूह के आर्थिक सहयोग को नई दिशा देने वाला अहम मंच बनकर सामने आया है। प्रधानमंत्री मोदी समेत BRICS नेताओं और बिजनेस लीडर्स की फैमिली फोटो ने इस कार्यक्रम की वैश्विक अहमियत को भी रेखांकित किया।
