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'सिर्फ 3 घंटे का दौरा, क्या यही राजधर्म है', PM मोदी के मणिपुर दौरे पर खड़गे ने उठाए सवाल; अमित शाह को लेकर क्या कहा?

कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मणिपुर दौरे पर तीखी आलोचना की है। खड़गे ने कहा कि पीएम का इम्फाल और चुराचांदपुर में तीन घंटे का दौरा संवेदना नहीं, बल्कि प्रतीकात्मकता और अपमान है। खड़गे का कहना है कि पीएम का दौरा माफी या पछतावे का संकेत नहीं, बल्कि केवल पीड़ितों की चोट पर भव्य स्वागत समारोह है। उन्होंने पीएम मोदी से पूछा कि उनके अपने शब्दों में राजधर्म कहाँ है।

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पीएम मोदी के मणिपुर दौरे पर खड़गे ने उठाए सवाल।(फोटो सोर्स: पीटीआई)

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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मणिपुर दौरे पर टिप्पणी की है। मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का यह दौरा जनता के प्रति संवेदनहीनता का उदाहरण है। खड़गे ने कहा कि पीएम का इम्फाल और चुराचांदपुर में तीन घंटे का दौरा न तो सहानुभूति है और न ही संवेदनशीलता, बल्कि यह केवल प्रतीकात्मकता और अपमान है।

खड़गे ने अमित शाह पर भी साधा निशाना

खड़गे ने बताया कि मणिपुर में 864 दिन से हिंसा जारी है, जिसमें लगभग 300 लोग मारे गए, 67,000 लोग विस्थापित और 1,500 से अधिक लोग घायल हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने सभी समुदायों के प्रति अपनी जिम्मेदारियों में अयोग्यता और निष्क्रियता दिखाई, और राष्ट्रपति शासन लगाकर वास्तविक परिस्थितियों को जनता से छिपाया गया।

46 बार विदेश गए, लेकिन मणिपुर नहीं आए पीएम मोदी: खड़गे

खड़गे ने यह भी कहा कि मोदी सरकार ने अपने कार्यकाल में 46 विदेशी यात्राएं की, लेकिन एक भी बार मणिपुर के प्रभावित लोगों से सहानुभूति व्यक्त नहीं की। उनका मानना है कि यह दौरा माफी या पछतावे का संकेत नहीं, बल्कि केवल पीड़ितों की चोट पर भव्य स्वागत समारोह का आयोजन है।

उन्होंने पूछा, “जहां आपके अपने शब्दों में राजधर्म है, वहां उसका क्या हुआ?” उन्होंने आगे कहा कि केंद्र सरकार की संवेदनहीनता अभी भी मणिपुर की हिंसा और कानून-व्यवस्था की समस्याओं को बढ़ा रही है।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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