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राहुल, खड़गे समेत इन कांग्रेस नेताओं ने गिनाई राजीव गांधी की उपलब्धियां; पीएम मोदी ने भी दी श्रद्धांजलि

Rajiv Gandhi's Birth Anniversary: राजीव गांधी की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जु खड़गे, राहुल गांधी और कई अन्य कांग्रेस नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। कई कांग्रेस नेताओं ने पूर्व पीएम राजीव गांधी के कार्यकाल की उपलब्धियों का बखान किया। इस रिपोर्ट में पढ़िए किसने क्या कुछ कहा।

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राजीव गांधी की जयंती पर किसने क्या कहा?

Congress on Rajiv Gandhi: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कई अन्य वरिष्ठ नेताओं ने मंगलवार को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके योगदान को याद किया। राहुल और कई अन्य कांग्रेस नेताओं ने 'वीर भूमि' जाकर पूर्व प्रधानमंत्री की समाधि पर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए।

राजीव गांधी के लिए कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने क्या कहा?

मल्लिकार्जुन खड़गे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, 'आज देश सद्भावना दिवस मना रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी भारत के महान सपूत थे। उन्होंने करोड़ों भारतीय नागरिकों में आशा की किरण जगाई और अपने अभूतपूर्व योगदान से भारत को 21वीं सदी में पहुंचा दिया।'

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, 'मतदान की आयु घटाकर 18 वर्ष करना, पंचायती राज को मजबूत करना, दूरसंचार और आईटी क्रांति, कंप्यूटरीकरण कार्यक्रम, निरंतर शांति समझौते, महिला सशक्तिकरण, सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम और समावेशी शिक्षा पर जोर देने वाली नयी शिक्षा नीति जैसे उनके कई सुखद कदम देश में परिवर्तनकारी बदलाव लेकर आए।' खड़गे ने कहा, 'हम भारत रत्न, राजीव गांधी जी को उनकी जयंती पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।'

राजीव गांधी की 80वीं जयंती पर गिनाई उनकी उपलब्धियां

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर लिखा, 'राजीव गांधी की 80वीं जयंती है। उनका राजनीतिक जीवन छोटा, लेकिन बेहद महत्वपूर्ण था। मार्च 1985 के बजट में उन्होंने बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिसने आर्थिक नीति के प्रति एक नया दृष्टिकोण दिया।' रमेश ने कहा, 'शहादत को प्राप्त होने से कुछ सप्ताह पहले तक राजीव गांधी ने 1991 के लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी के घोषणापत्र को तैयार करने में कई घंटे बिताए थे, जिसने जून-जुलाई 1991 में नरसिम्हा राव और मनमोहन सिंह द्वारा लाए गए ऐतिहासिक सुधारों की नींव रखी।'

उन्होंने कहा कि असम, पंजाब, मिजोरम और त्रिपुरा जैसे देश के अशांत क्षेत्रों में शांति समझौते राजीव गांधी की उस शासन कला के बदौलत संभव हो पाए, जिन्होंने राष्ट्रीय हित को अपनी पार्टी के तात्कालिक हितों से ऊपर रखा। रमेश ने कहा, 'उनके पास विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की सामाजिक उपयोगिता के लिए एक दृष्टिकोण था, जो पेयजल आपूर्ति, टीकाकरण, साक्षरता, तिलहन उत्पादन और दूरसंचार एवं डेयरी विकास में प्रभावशाली प्रौद्योगिकी मिशन में परिलक्षित हुआ।'

'पोलियो टीका बनाने की सुविधाएं स्थापित की गईं'

उन्होंने कहा, '1985 में 1,65,000 ऐसे गांवों की पहचान हुई थी, जहां पीने योग्य पानी के किसी भी स्रोत तक आसान पहुंच नहीं थी। 1989 तक इनमें से 1,62,000 गांवों को पीने के पानी का‌ कम से कम एक सुरक्षित स्रोत प्रदान किया गया। पोलियो टीका बनाने की सुविधाएं स्थापित की गईं।'

कांग्रेस महासचिव ने कहा, 'भारत को सॉफ्टवेयर निर्यात में महाशक्ति बनाने की दिशा में पहला प्रत्यक्ष कदम राजीव गांधी के कार्यकाल के दौरान उठाया गया था। सी-डीएसी जैसी संस्थाएं जिनपर आज हमें गर्व है, 1980 के दशक के अंत में स्थापित की गई थीं। राष्ट्रीय आवास बैंक और भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक जैसी वित्तीय संस्थाएं भी उसी दौर में अस्तित्व में आई थीं।'

'मतदान की आयु घटाकर 18 वर्ष कर दी गई'

उन्होंने कहा, 'प्रगतिशील मूल्यों पर आधारित 1986 की नयी शिक्षा नीति पर राजीव गांधी की व्यक्तिगत छाप थी। आज के नवोदय विद्यालय इसी पहल के तहत सामने आए। मतदान की आयु घटाकर 18 वर्ष कर दी गई और स्वामी विवेकानंद के जन्मदिन को राष्ट्रीय युवा दिवस घोषित किया गया।' रमेश के अनुसार, 'हमारे संविधान का अनुच्छेद 243 निर्वाचित पंचायतों और नगर पालिकाओं को सशक्त बनाने की उनकी दृढ़ प्रतिबद्धता को श्रद्धांजलि है। आज स्वशासन की इन संस्थाओं में 30 लाख से अधिक निर्वाचित प्रतिनिधि हैं, जिनमें से 40 प्रतिशत से अधिक महिलाएं हैं।'

उन्होंने कहा, 'आज हम न सिर्फ एक प्रधानमंत्री को, बल्कि एक बहुत ही नेकदिल और सबकी परवाह करने वाले इंसान को भी याद करते हैं, जिसमें द्वेष नहीं था, प्रतिशोध और बदले की कोई भावना नहीं थी, कोई आडंबर नहीं था, और खुद के महिमा मंडन एवं आत्मप्रशंसा की चाह नहीं थी।'

पीएम मोदी ने राजीव गांधी को दी श्रद्धांजलि

कांग्रेस नेताओं के अलावा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पूर्व पीएम राजीव गांधी को उनकी जयंती पर याद किया और एक्स पर अपने पोस्ट में लिखा कि हमारे 'पूर्व प्रधानमंत्री श्री राजीव गांधी जी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि।'

राजीव गांधी का जन्म 20 अगस्त 1944 को हुआ था। उन्होंने प्रधानमंत्री के तौर पर 1984 से 1989 तक भारत का नेतृत्व किया। वर्ष 1991 में लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान उग्रवादियों ने उनकी हत्या कर दी थी।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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