PM Modi on Manipur: राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिया उन्होंने नीट पेपर लीक से लेकर बंगाल में महिला से हुई मारपीट तक पर उन्होंने सदन में अपनी बात रखी वहीं इस दौरान उन्होंने मणिपुर हिंसा (Manipur Violence) पर भी खुलकर बात की।
पीएम मोदी ने कहा कि जो भी तत्व मणिपुर की आग में घी डालने की कोशिश कर रहे हैं, मैं उन्हें आगाह करना चाहता हूं कि ये हरकतें बंद कर दें, एक समय आएगा जब मणिपुर ही उन्हें रिजेक्ट करेगा, जो लोग मणिपुर के इतिहास को जानते हैं, वे जानते हैं कि यहां सामाजिक संघर्ष का लंबा इतिहास रहा है। वहां 10 बार राष्ट्रपति शासन लागू करना पड़ा है। 1993 में ऐसी ही घटनाओं का क्रम चला था। ये सारा इतिहास समझकर हमें स्थितियों को ठीक करना है हम सभी का सहयोग लेना चाहते हैं।
'मणिपुर की स्थिति सामान्य करने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत'
पीएम ने कहा कि 'मणिपुर की स्थिति सामान्य करने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है, वहां 11 हजार प्राथमिकी दर्ज की गई हैं, 500 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है तथा हमें स्वीकार करना होगा कि मणिपुर में लगातार हिंसा की घटनाएं कम होती जा रही हैं और शांति की बात संभव हो रही है'
'आज मणिपुर के अधिकांश हिस्सों में स्कूल, कॉलेज चल रहे हैं'
पीएम ने कहा-आज मणिपुर के अधिकांश हिस्सों में स्कूल, कॉलेज चल रहे हैं। दफ्तर खुल रहे हैं। मणिपुर में भी परीक्षाएं हुई हैं। शांति के लिए सौहार्द रास्ता खोजने के लिए सरकार प्रयास कर रही है। गृह मंत्री स्वयं वहां कई दिनों तक वहां रहे। बार-बार जाकर वहां जाकर लोगों को जोड़ने का काम किया, वहीं मणिपुर में उत्पन्न हुई बाढ़ की स्थिति के बारे में बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा, 'राज्य में इस समय बाढ़ की स्थिति गंभीर है और आज ही एनडीआरएफ के दो दल वहां भेजे गए हैं'
कांग्रेस के शासनकाल में मणिपुर में 10 बार राष्ट्रपति शासन लगाना पड़ा था
उन्होंने कहा, 'इतने छोटे से राज्य में 10 बार राष्ट्रपति शासन लगाना पड़ा है... कुछ तो मुसीबतें होंगी। और यह हमारे कार्यकाल में नहीं हुआ है लेकिन फिर भी राजनीतिक फायदा उठाने के लिए वहां पर जिस प्रकार की हरकतें हो रही हैं...।' पीएम मोदी ने कहा कि पहले की सरकारों में ऐसा नहीं होता था लेकिन मणिपुर में हिंसा फैलने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री स्वयं कई दिनों तक राज्य में रहे और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री तो हफ्तों तक वहां रहे और बार-बार वहां जाकर संबंधित लोगों को जोड़ने का प्रयास करते रहे।
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