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पहलगाम हमला: आतंक पर प्रहार के लिए तीनों सेनाओं को खुली छूट, PM बोले-समय, जगह और तरीका ARMY करे तय

Pahalgam Terror attack : पहलगाम आतंकवादी हमले के दोषियों से बदला लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेना को छूट दे दी है। पीएम ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ कहां, कब और किस तरीके से हमला करना है, इसके बारे में सेना तय करे। पीएम ने कहा कि हम आतंकवाद का खात्मा करके मानेंगे।

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पीएम आवास पर डेढ़ घंटे तक चली बैठक।

Pahalgam Terror attack : पहलगाम आतंकवादी हमले के दोषियों से बदला लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेना को छूट दे दी है। पीएम ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ कहां, कब और किस तरीके से हमला करना है, इसके बारे में सेना तय करे। पीएम ने कहा कि हम आतंकवाद का खात्मा करके मानेंगे। रिपोर्टों के मुताबिक पीएम आवास पर मंगलवार को हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में यह फैसला हुआ। इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल, तीन सेनाओं के प्रमुख और सीडीएस अनिल चौहान शामिल हुए। यह बैठक करीब डेढ़ घंटे चली। इस बैठक के समाप्त होने के बाद गृह मंत्री अमित शाह प्रधानमंत्री मोदी से मिलने के लिए पहुंचे।

आतंकवाद को करारा जवाब देना हमारा राष्ट्रीय संकल्प -PM

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, बैठक में मोदी ने कहा, ‘आतंकवाद को करारा जवाब देना हमारा राष्ट्रीय संकल्प है’। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने सशस्त्र बलों की क्षमता में पूर्ण विश्वास व्यक्त किया। एक सूत्र ने मोदी के हवाले से कहा, 'उन्हें (सशस्त्र बलों को) हमारी जवाबी कार्रवाई के तरीके, लक्ष्य और समय के बारे में फैसला लेने की पूरी अभियानगत छूट है।' इस बैठक में प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान भी शामिल हुए। यह बैठक पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में भारत द्वारा उठाए जाने वाले संभावित कदमों पर विचार किए जाने के बीच हुई।

22 अप्रैल के हमले में 26 लोग मारे गए

पहलगाम के लोकप्रिय पर्यटन स्थल बैसरन में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले में कम से कम 26 लोग मारे गए थे, जिनमें से अधिकतर पर्यटक थे।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस हमले में शामिल आतंकवादियों और उनके आकाओं का “पृथ्वी के अंतिम छोर तक” पीछा करने और उन्हें “उनकी कल्पना से परे” कड़ी से कड़ी सजा देने का आह्वान किया है।

गृह मंत्रालय में हुई उच्च स्तरीय बैठक

इससे पहले एक उच्च स्तरीय बैठक गृह मंत्रालय में हुई। इस बैठक में अलग-अलग सुरक्षाबलों के प्रमुख शामिल हुए। बैठक में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, सीमा सुरक्षा बल, असम राइफल, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के महानिदेशक और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल एवं केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। समझा जाता है कि इन अधिकारियों ने गृह मंत्री को देश के आंतरिक सुरक्षा हालात से अवगत कराया।

22 अप्रैल को हुआ हमला

पहलगाम में आतंकी हमला बीते 22 अप्रैल को हुआ। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई। यह 2019 में पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद सबसे बड़ा हमला है। इस हमले में देश को झकझोर कर रख दिया है। लोग बेहद आक्रोश में है और वे इसका बदला चाहते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि हमले के गुनहगार को 'अकल्पनीय' सजा मिलेगी। उन्हें ढूंढकर और चुन-चुनकर सजा दी जाएगी। इस हमले में हमेशा की तरह पाकिस्तान की भूमिका सामने आई है।

2016 में उरी हमले के बाद हुई सर्जिकल स्ट्राइक

प्रधानमंत्री की कठोर टिप्पणियों और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर उनकी सरकार के कड़े रुख के कारण भारत की ओर से करारी जवाबी कार्रवाई की उम्मीदें बढ़ गई हैं। मोदी सरकार ने 2016 में उरी में सेना के जवानों पर आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान के अंदर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की थी। उसने पुलवामा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के काफिले को निशाना बनाए जाने के बाद पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकवादी ठिकानों पर हवाई हमला किया था।

पाकिस्तान के खिलाफ कई कदम उठाए

पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कदम उठाए हैं, जिनमें पड़ोसी देश के साथ सिंधु जल संधि को स्थगित करना भी शामिल है। सूत्रों ने बताया कि इससे पहले दिन में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें तीनों सेनाओं के प्रमुख और दो अन्य सुरक्षा संगठनों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए थे। बैठक के एजेंडे पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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