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प्रधानमंत्री ने दिया है चैलेंज, कौन करेगा कुबूल? सबका सपना PM-PM लेकिन सामने आने क्यों रहे है डर?

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलEdited by: किशोर जोशी
  • Updated Jan 2, 2023, 12:08 PM IST

दिल्ली की गद्दी पर कब्जे के लिए यूपी के बाद महाराष्ट्र में बंपर जीत हासिल करना जरूरी है। अगर विपक्ष को 272 का टारगेट पूरा करना है तो महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में कमाल करना होगा लेकिन फिलहाल ऐसा नजर नहीं आ रहा है।

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

Photo : Twitter

नए साल (New Year) के आगाज के साथ ही 2024 के सियासी रण की बिसात बिछनी शुरू हो गई है...पूरा का पूरा विपक्ष प्रधानमंत्री (PM Modi) के खिलाफ मिलकर लड़ने की हुंकार भर रहा है। राहुल गांधी (Rahul Gandhi) भी खुद इसकी पैरोकारी कर रहे हैं लेकिन पीएम मोदी के खिलाफ विपक्ष का चेहरा कौन होगा। इस पर विपक्ष मौन साधे हुए है..बड़ा पेच ये है कि कई पार्टियों को कांग्रेस (Congress) की अगुवाई कुबूल नहीं है। हालांकि विपक्ष इस फॉर्मूले पर आगे बढ़ रहा है कि इस साल 9 राज्यों के चुनावी नतीजों के बाद पीएम पद का चेहरा फाइनल किया जाएगा। ऐसे में साल 2023 के 365 दिनों में विपक्ष के सामने 272 का जादूई आंकड़ा हासिल करने का टारगेट है। मोदी वर्सेज 272 की इस लड़ाई को विपक्ष जीत पाएगा या विपक्षी किला चुनाव से पहले ही ध्वस्त हो जाएगा।

कायम है मोदी का जलवा

2023 की शुरुआत से ही हर किसी की जुबां पर 2024 छा गया है। 2023 को लोकसभा चुनाव का सेमीफाइनल कहा जा रहा।विपक्षी इसे प्रधानमंत्री मोदी की अग्निपरीक्षा का साल बता रहे हैं जबकि 2022 में मोदी ने साबित कर दिया कि 2024 उनका होगा और 2023 विपक्षी पार्टियों की अग्निपरीक्षा का साल है। 2022 में BJP ने 5 राज्यों यूपी, उत्तराखंड, गोवा, मणिपुर और गुजरात के चुनाव जीते। इस बात से भी कोई इनकार नहीं कर सकता कि यहां पीएम नरेंद्र मोदी का जादू ही चला..यानी लोगों का भरोसा पीएम मोदी पर कायम है इसीलिए बीजेपी डंके की चोट पर कह रही है कि देश में प्रधानमंत्री के एकमात्र उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ही हैं।

विपक्ष का चेहरा कौन

अब 2023 के 365 दिनों में विपक्ष के धुरंधरों को साबित करना है कि मोदी के खिलाफ उनका चेहरा कौन होगा। 2024 में मोदी वर्सेज कौन होगा? किसके चेहरे पर वो मोदी के खिलाफ 2024 के लोकसभा चुनाव की लड़ाई लड़ेंगे। 2024 के चुनाव के लिए विपक्ष अभी तक किसी चेहरे पर एकमत तो नहीं हो सका है..लेकिन एक लाइन पर सभी सहमत हैं कि मोदी से मिलकर लड़ना है। नीतीश कुमार से लेकर ममता बनर्जी और केसीआर विपक्षी एकता की कवायद में लगातार जुटे हैं।अब तो राहुल भी खुलकर इसकी हिमायत कर रहे हैं..लेकिन विपक्ष के चेहरे के लिए सबकी पसंद कौन। इस पर ये सारे नेता मौन भी धारण कर ले रहे हैं। हालांकि मोदी के खिलाफ मोर्चा बनाने में जुटे विपक्षी नेता इस फॉर्मूले पर आगे बढ़े हैं..कि नेता पद का सवाल 2023 में होने वाले राज्यों के चुनावी नतीजों तक के लिए छोड़ दिया जाए।

राज्यों के इलेक्शन पर सबकी नजर

2023 में 9 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। ये 9 राज्य हैं मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, तेलांगना, त्रिपुरा, नगालैंड, मिजोरम और मेघालय, इनमें से 5 राज्यों में बीजेपी..जबकि 2 राज्यों की सत्ता पर कांग्रेस काबिज है। फिलहाल 2024 के चुनावी रण से पहले 2023 वो आखिरी दरवाजा है जिसमें 9 ताले लगे हैं..अब देखना होगा कि कौन सी पार्टी कितने ताले खोल पाती है। राहुल की भारत जोड़ो यात्रा की सफलता की पैमाइश इन राज्यों में कांग्रेस के प्रदर्शन के जरिए भी होगी..वहीं इन राज्यों के इलेक्शन का रिपोर्ट कार्ड बताएगा कि राहुल मोदी के खिलाफ विपक्ष के नेता होंगे या नहीं। अगर राहुल नहीं होंगे..तो लोकसभा चुनाव में 272 सीटें जीतने का टास्क विपक्ष के किस नेता को मिलेगा विपक्ष के सामने ये भी बड़ा सियासी सवाल है।

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